राजनीति

आपातकाल के 43 साल: उस दौर को पीएम मोदी ने बताया ‘डार्क पीरियड’, कहा- आजादी बनी थी बंधक

आपातकाल के 43 साल पूरे होने के मौके पर भाजपा आज 'काला दिवस' मना रही है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कांग्रेस पर निशाना साधा है।
2 min read
Modi on Emergency
Modi on Emergency

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासन में लगी इमरजेंसी को आज 43 साल हो गए हैं। इमरजेंसी एक ऐसा दाग है जो आज तक कांग्रेस पार्टी के दामन से नहीं धुला है। भाजपा आज भी इमरजेंसी को मुद्दा बनाकर कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है। इसके लिए बीजेपी 26 जून यानि कि आज काला दिवस मना रही है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है। पीएम मोदी ने इमरजेंसी के समय को उस दौर का 'डार्क पीरियड' बताया है। सत्ताधारी बीजेपी आज आपातकाल की घोषणा वाले उस दिन को काला दिवस के रूप में मना रही है।

सुबह-सुबह पीएम मोदी ने ट्वीट कर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सुबह-सुबह ही ट्वीट कर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने आपातकाल के दौर की कड़ी आलोचना की। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'राजनीतिक शक्ति के लिए सिर्फ जनता ही नहीं बल्कि विचारों की आजादी को भी बंधक बनाया गया था।' पीएम मोदी ने ट्वीट में आगे लिखा है, 'मैं सभी पुरुषों और महिलाओं के जज्बे को सलाम करता हूं, जिन्होंने आपातकाल का पुरजोर विरोध किया था, पीएम मोदी ने कहा कि 43 साल पहले लागू किए गए आदेश को भारत काले दौर के तौर पर याद रखेगा, जहां सभी संस्थानों को दबाया गया और खौफ का माहौल पैदा किया गया।

मौजूदा समय में लोकतंत्र को मजबूत बनाना होगा- पीएम मोदी
आपातकाल के समय लिए गए सभी फैसलों को पीएम मोदी ने विवादित करार दिया है। साथ ही पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में मौजूदा समय में लोकतंत्र को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लिखना, बहस करना, सवाल करना हमारे लोकतंत्र के महत्वपूर्ण पहलू हैं। कोई भी ताकत हमारे संविधान के बुनियादी सिद्धांतों को कुचल सकती है।

अरुण जेटली ने हिटलर से कर डाली इंदिरा गांधी की तुलना
पीएम मोदी से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली भी आपातकाल को लेकर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साध चुके हैं। एक दिन पहले अरुण जेटली ने अपने ब्लॉग में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तुलना जर्मनी के तानाशाह हिटलर से कर दी थी। उन्होंने लिखा कि इंदिरा और हिटलर दोनों ने आम लोगों के लिए बने संविधान को तानाशाही के संविधान में बदल दिया। हिटलर ने ज्यादातर विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करवा लिया था और अपनी अल्पमत की सरकार को बहुमत की सरकार में बदल दिया था। इंदिरा गांधी ने भी यही किया।

आपातकाल के हुएा 43 साल
आपको बता दें कि साल 1975 में 25-26 जून की रात को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रेडियो के जरिए आपातकाल का ऐलान किया था। 26 जून को सुबह 8 बजे ऑल इंडिया रेडियो पर लोगों ने इंदिरा गांधी की आवाज जब सुनी तो आंखें खुली की खुली रह गईं। उन्होंने रेडियो पर अपने संबोधन में कहा, 'भाइयों और बहनों, राष्ट्रपति जी ने आपातकाल की घोषणा कर दी है। इससे आतंकित होने का कोई कारण नहीं है. प्रेसीडेंट ने इमरजेंसी लगा दी है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।'

Updated on:
26 Jun 2018 09:13 am
Published on:
26 Jun 2018 09:13 am