
कोटा जिला परिषद लॉटरी. File Photo Patrika
कोटा. शहरी सरकार चुनने के बाद अब गांवों की सरकार की तैयारी हो गई है। चुनाव का शोर शहर और कस्बों मे खत्म हो गया है, अब गांवों में धूम मचने वाली है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों, प्रधान पद के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार शाम 4 बजे कलक्ट्रेट सभागार, प्रथम में आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी।
आरक्षण प्रक्रिया में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। वर्गवार वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। जिला प्रमुख की लॉटरी पहले ही निकाली जा चुकी है। इस बार कोटा में जिला प्रमुख की सीट अनारक्षित महिला वर्ग के खाते में है। यानी जिला प्रमुख जिला परिषद सदस्य का चुनाव जीतने वाली किसी भी वर्ग की महिला बन सकती है।
देश को पहली महिला जिला प्रमुख देने वाले कोटा में फिर नारी शक्ति जिला प्रमुख की कुर्सी संभालेगी। कोटा में जिला प्रमुख की सीट महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। वर्ष 1960 में जब देश में पंचायतीराज व्यवस्था लागू हुई थी, तब कोटा की नगेन्द्र बाला पहली महिला जिला प्रमुख बनी थी। अब तक चार महिलाएं जिला प्रमुख रह चुकी हैं। दिग्गज नेता भी जिला प्रमुख रह चुके हैं। इसमें मुख्य नामों में पूर्व मंत्री और कोटा उत्तर के विधायक शांति धारीवाल भी शामिल हैं।
कोटा जिले में 6 प्रधान चुने जाएंगे। इसके लिए बुधवार को वर्ग के आधार पर आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें दो पंचायत समितियों में प्रधान की सीट एससी और एसटी के लिए आरक्षित होगी। एक ओबीसी कोटे से बनेगा। तीन समितियों में प्रधान अनारक्षित वर्ग से बनेंगे। इसमें दो में पुरुष और एक महिला वर्ग के लिए आरक्षित रहेगी। किस पंचायत समिति में किस वर्ग का प्रधान बनेगा, इसकी लॉटरी बुधवार को निकाली जाएगी। वहीं सरपंचों के लिए लॉटरी 24 सितम्बर को निकाली जाएगी।
Updated on:
23 Sept 2026 03:40 pm
Published on:
23 Sept 2026 03:40 pm
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