Farmers Leader's Controversial Statement: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के सिंधु जल समझौता रद्द करने के फैसले पर एक किसान नेता ने विवादित बयान दिया है। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।
पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) के बाद भारत (India) ने पाकिस्तान (Pakistan) के खिलाफ सख्ती बरतते हुए कई फैसले लिए हैं। इन फैसलों में सबसे बड़ा फैसला भारत की ओर से सिंधु जल समझौता (Sindhu Water Treaty) रद्द करना है, जिससे पाकिस्तान को मिलने वाला सिंधु नदी का पानी रोका जाएगा। पाकिस्तान से इस फैसले में खलबली मची हुई है, क्योंकि भारत के सिंधु नदी का पानी रोकने पर पाकिस्तान में पानी की किल्लत हो जाएगी और लोग एक-एक बूंद के लिए तरस सकते हैं। केंद्र सरकार के इस फैसले पर विपक्षी दल भी समर्थन में है, लेकिन एक किसान नेता (Farmers Leader) ने इस फैसले का विरोध किया है।
भारत सरकार के पाकिस्तान को सप्लाई किए जाने वाले सिंधु नदी के पानी पर रोक लगाने के फैसले पर भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत (Naresh Tikait) ने कहा कहा, "सरकार का यह फैसला गलत है। किसान चाहे भारत के हो या पाकिस्तान के, खेती के लिए सभी को पानी की ज़रूरत होती है। पानी नहीं मिलने से काफी नुकसान हो सकता है। ऐसे में सालों पुराने सिंधु जल समझौते को तोड़ना सही नहीं है।"
टिकैत ने आगे कहा, "सभी पाकिस्तानी आतंकी नहीं होते। पानी रोकने से किसी समस्या का हल नहीं होगा। ऐसे आतंकी हमले के लिए सरकार की भी गलती है। सरकार ने सेना में भी कटौती की है। सरकार को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन इस तरह पानी रोककर पूरे पाकिस्तान को सज़ा देना सही नहीं है।"
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पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत और 20 लोगों के घायल होने से देशवासियों में आक्रोश है। आतंकियों ने धर्म पूछकर, पर्यटकों के हिंदू होने की पुष्टि होने पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की। हमले की ज़िम्मेदारी द रेसिस्टेन्स फ्रंट (The Resistance Front – TRF) नाम के आतंकी संगठन ने ली, जिसका कनेक्शन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के साथ है। हालांकि कुछ दिन बाद ही टीआरएफ ने यू-टर्न ले लिया और बयान जारी करते हुए कहा कि इस आतंकी हमले में उनका कोई हाथ नहीं है। इस आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने के लिए देश पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के ज़िम्मेदार लोगों को माफ़ी नहीं दी जाएगी और उन्हें इस करतूत के लिए सख्त सज़ा दी जाएगी।
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