वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों पर पलटवार किया। जेटली ने गांधी के आरोपों को पूरी तरह से तथ्यहीन और असत्य बताया।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश की एक रैली में मोदी सरकार पर उद्योगपतियों के कर्ज माफी समेत कई आरोप लगाए है। इसके कुछ ही देर बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों पर पलटवार किया। जेटली ने गांधी के आरोपों को पूरी तरह से तथ्यहीन और असत्य बताया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष की जानकारी के स्तर पर सवाल किया कि आखिर वह कब जानेंगे और समझेंगे।
'वह कितना जानते हैं... वह कब जानेंगे'
वित्त मंत्री जेटली ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, हर बार, संसद में और संसद के बाहर, जब मैं राहुल गांधी के विचार सुनता हूं तो मैं खुद से यही पूछता हूं -वह कितना जानते हैं ? वह कब जानेंगे ? उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में आज उनका भाषण सुन कर उनकी यह जिज्ञासा और बढ़ गई कि क्या उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी जाती है या फिर वह तथ्यों को लेकर अत्यंत लापरवाह हैं। उनके भाषण के छह बिन्दु ऐसे हैं जो उनकी इस धारणा को मजबूत करते हैं।
राहुल के आरोपों पर जेटली हमलावर
जेटली ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर देश के 15 शीर्ष उद्योगपतियों के ढाई लाख करोड़ रुपए का ऋण माफ करने का आरोप लगाया है जो तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी भी उद्योगपति का एक रुपया भी माफ नहीं किया है। सच एकदम अलग है। जिनके पास भी बैंकों एवं अन्य ऋणदाताओं का बकाया है, उन्हें दिवालिया घोषित किया गया है और उन्हें मोदी सरकार द्वारा बनाए गए दिवाला एवं शोधन कानून के तहत उनकी कंपनियों से बेदखल कर दिया गया है। दरअसल उन्हें ये ऋण यूपीए सरकार के समय दिए गए थे।
मंदौसर में बोले राहुल...
बता दें कि राहुल गांधी ने मंदसौर जिले के पिपल्यामंडी में किसान गोलीकांड की बरसी पर आयोजित किसान समृद्धि संकल्प रैली में संबोधित किया। मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने 15 लोगों का ढाई लाख करोड़ रुपए माफ किया है लेकिन किसानों के लिए कुछ नहीं किया।