आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, पी विजयन, एचडी कुमारस्वामी और ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से मुद्दे सुलझाने की अपील की।
नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का उप-राज्यपाल के आवास पर धरना जारी है। आम आदमी पार्टी के तीन मंत्री और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सात दिन से धरने पर बैठे हैं। वहीं आज दूसरी तरफ नीति आयोग की बैठक हो रही है। इस बैठक में अरविंद केजरीवाल शामिल नहीं हुए हैं। वहीं बैठक से इतर चार राज्य के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली सरकार के मुद्दे पर अलग से मुलाकात की। चारों मुख्यमंत्रियों ने पीएम मोदी से दिल्ली सरकार के मसले को सुलझाने की अपील की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, पी विजयन, एचडी कुमारस्वामी और ममता बनर्जी ने पीएम मोदी से मुद्दे सुलझाने की अपील की।
चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उप राज्यपाल से माांगा था वक्त
इससे पहले धरने के छठे दिन शनिवार की शाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत चार राज्यों के मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिलना चाहते थे। इसके लिए चारों सीएम ने एलजी अनिल बैजल से लिखित में समय मांगा लेकिन समय न मिलने से नाराज सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि संवैधानिक लिहाज से ये अच्छी बात नहीं है। इस मुद्दे को रविवार को पीएम मोदी के साथ नीति आयोग की बैठक में उठाऊंगी। अगर उन्होंने ध्यान नहीं दिया तो यह भारतीय लोकतंत्र के लिए सही नहीं होगा।
केजरीवाल के परिवार से मिले थे चार राज्यों के मुख्यमंत्री
दरअसल शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के सीएम पी विजयन, कर्नाटक के कुमारस्वामी और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने केजरीवाल के घर जाकर उनकी पत्नी और परिवार से मुलाकात की। इसके बाद चारों मुख्यमंत्रियों ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ममता ने कहा कि हम सब एकता और केजरीवाल से सहानुभूति जताने के लिए केजरीवाल के घर आए हैं कुछ मामले राजनीति से अलग होते हैं। विपक्षी पार्टी की भी मार्यादा होती है। दिल्ली का काम चार महीने से बंद है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि इस मामले में पीएम को दखल देना चाहिए। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि केंद्र राज्य को मिलकर काम करना चाहिए। केरल के सीएम पी विजयन ने कहा कि दिल्ली में जो कुछ हो रहा है वो सही नहीं है। केंद्र और राज्य सरकारों को आपसी सहमति से इसका रास्ता निकालना चाहिए।