
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई राज्यों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अब देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 1000 के पार पहुंच चुकी है जो काफी चिंताजनक है।
यही वजह है कि केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकारें भी युद्ध स्तर पर इस जानलेवा वायरस से निपटने में जुटी हुई हैं। इस बीच हरियाणा सरकार ने बड़ा निर्देश जारी किया है।
दरअसल हरियाणा की खट्टर सरकार ( Haryana Govt ) ने 21 दिन के लॉकाडाउन के बीच राज्य में उद्योगों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि वे कोविड -19 ( COVID-19 ) के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान अपने कार्यबल को कम करने या वेतन में कटौती करने के बारे में न सोचें।
छुट्टी लेने पर मिले वेतन
खट्टर सरकार की जारी की गई एडवाइजरी में कहा गया है कि अगर कोई कर्मचारी छुट्टी लेता है तो उसे ड्यूटी पर माना जाना चाहिए और उसके वेतन में कटौती नहीं की जानी चाहिए।
कोरोना संक्रमित होने पर भी दें वेतन
इसके अलावा अगर किसी कंपनी का कर्मचारी कोरोनावायरस से संक्रमित पाया जाता है तो उसे काम पर माना जाना चाहिए।
इसके संबंध में भारत सरकार के श्रम मंत्रालय की सलाह जारी की गई है। कोरोनावायरस के प्रकोप के कारण देश के सामने वर्तमान स्थिति का उल्लेख किया गया है, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से अधिक समझ और सहयोग का आह्वान किया गया है।
...तो बढ़ जाएगा संकट
हरियाणा सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि लोगों को नौकरी से निकालने या उन्हें वेतन ना देने से किस तरह के हालात बन जाएंगे। बल्कि उन हालातों को सरकार ने और भी गंभीर संकट बताया।
सरकार के मुताबिक किसी कर्मचारी को नौकरी से हटाने या छुट्टी के दौरान वेतन नहीं दिए जाने पर संकट और अधिक गहरा हो जाएगा।
इससे न केवल कर्मचारी की वित्तीय स्थिति कमजोर होगी, बल्कि सलाहकार के अनुसार, इस महामारी के खिलाफ उनकी लड़ाई का सामना करने के लिए उनके मनोबल में बाधा उत्पन्न होगी।