राजनीति

रोहिंग्या मुसलमानों पर बोले गृहमंत्री राजनाथ, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा

गृहमंत्री ने कहा कि गैरकानूनी ढंग से रह रहे विदेशी प्रवासियों से निपटने की तैयारी चल रही है।
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Updated: 13 Sep 2017, 3:23 AM IST
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नई दिल्ली : केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी रोहिंग्या शरणर्थियों को देश के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे को मजबूती से निपटा जाएगा। जम्मू दौरे के दौरान गृहमंत्री ने कहा कि गैरकानूनी ढंग से रह रहे विदेशी प्रवासियों से निपटने की तैयारी चल रही है। राज्य सरकारों से ऐसे लोगों को चिन्हित कर वापस भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले पिछले महीने में केंद्र सरकार ने कहा था कि आतंकी समूहों की ओर से इस अप्रवासी को नियुक्त किया गया हो। लिहाजा सुरक्षा के मद्देनजर रोहिंग्या प्रवासी देश के लिए बड़ी चुनौती हैं। गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि देश के कई हिस्सों में इन शरणार्थियों की घुसपैठ, भारतीय नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन करती है। इसके अलावा इससे देश के सीमित संसाधनों पर भी बोझ बढ़ता है।

रिजिजू ने भी उठाए सवाल

गौरतलब है कि पिछले महीने ही गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि करीब 40 हजार से ज्यादा रोहिंग्या अवैध ढंग से भारत में रह रहे हैं। इन्हें वापस भेजने को लेकर सरकार विचार कर रही है। रिजिजू ने कहा था कि ज्यादातर लोग जम्मू, हैदराबाद, हारियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर और राजस्थान में रह रहे हैं। जो कि देश के लिए बड़ी चुनौती है।

यूएन में भारत ने दिया जवाब

इससे पहले रोहिंग्या मुसलमान को भारत से बाहर भेजे जाने पर यूएन ने भारत की निंदा की थी। जिसपर भारत ने यूएन को करारा जवाब दिया है। मामले में यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजीव के चंदर ने कहा कि किसी एक घटना के आधार पर आप भारत के सामाजिक हालात पर टिप्पणी नहीं कर सकते। भारत को अपने संविधान, न्यायपालिका, प्रेस की स्वतंत्रता पर गर्व है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन के उच्चायुक्त जीद राद अल हुसैन के द्वारा की गई टिप्पणी से हम आहत हैं।

क्या है मामला?
दरअसल गृह मंत्रालय ने हाल ही में सभी राज्यों को एक एडवाइजरी जारी की थी। इस एडवाइजरी में भारत ने सभी राज्यों को अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या पर कार्रवाई करने को कहा था। इस पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन के उच्चायुक्त जीद राद अल हुसैन ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि म्यांमार में रोहिंग्यों पर जुल्म हो रहा है। ऐसे समय में भारत के द्वारा रोहिंग्यों के खिलाफ उठाए जा रहे कदम की हम निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में 40 हजार रोहिंग्या है जिसमें से 16 हजार ने यूएन से शरणार्थी प्रमाण पत्र ले लिया है।

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