सेना के सियासी इस्तेमाल पर भड़के पूर्व सेना प्रमुख 150 से ज्यादा पूर्व सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिख जताई नाराजगी राष्ट्रपति भवन ने कहा नहीं मिली ऐसी कोई चिट्ठी
नई दिल्ली। सेना के दंभ पर चुनाव की नैया पार करने वाली भारतीय जनता पार्टी की चुनावी चाल अब उल्टी पड़ती नजर आ रही है। दरअसल देश की सेना को 'मोदी सेना वाला बयान' और सेना के सियासी इस्तेमाल को लेकर सेना ने नाराजगी जाहिर की है। इसको लेकर तीन सेनाओं के 8 पूर्व प्रमुखों समेत 150 से ज्यादा पूर्व सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखकर शिकायत की है। उधर राष्ट्रपति भवन की ओर बताया जा रहा है कि अब तक ऐसी कोई चिट्ठी ही नहीं मिली है।
चिट्ठी के जरिये की ये शिकायत
- सत्ताधारी दल सर्जिकल स्ट्राइक जैसे सैन्य ऑपरेशन का श्रेय ले रही
- देश की सेना को 'मोदी की सेना' बताया जा रहा
- विंग कमांडर अभिनंदन की तस्वीर के चुनावी प्रचार में इस्तेमाल पर आपत्ति
- सेना के राजनीतिक इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाएं
आपको बता दें कि 11 अप्रैल को सार्वजनिक हुई इस चिट्ठी में राष्ट्रपति से राजनीतिक दलों के सेना के राजनीतिक इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाने की अपील की गई है। यही नहीं सैन्य अधिकारियों ने इस चिट्ठी की कॉपी चुनाव आयोग को भी भेजी है। ईसी ने पीएम नरेंद्र मोदी के बयान का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने ये दिया तर्क
मोदी के बयान को लेकर चुनाव आयोग ने जवाब मांगा। महाराष्ट्र में स्थानीय चुनाव अधिकारियों ने चुनाव आयोग को बताया है कि पहली बार मतदान करने जा रहे मतदाताओं से बालाकोट हवाई हमले के नाम पर अपना वोट डालने की अपील वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी प्रथम दृष्टया इसके उन आदेशों का उल्लंघन है जिसमें उसने अपने प्रचार अभियान में राजनीतिक दलों से सशस्त्र बलों के नाम का इस्तेमाल नहीं करने को कहा था।
कांग्रेस ने फिर साधा निशाना
कांग्रेस ने पूर्व सैन्य अधिकारियों की चिट्ठी के बहाने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा। अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कांग्रेस ने लिखा कि मोदी जी ने वोटों के लिए सेना के गलत इस्तेमाल की कोशिश की है। लेकिन जवानों ने साफ कर दिया है कि वे देश के साथ है ना कि भाजपा के।
वहीं माकपा ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मोदी ने महाराष्ट्र में एक रैली में पहली बार मतदान करने वालों से बालाकोट में आतंकी शिविर पर हवाई हमला करने वाले वायुसैनिकों के नाम पर वोट मांगकर चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन किया है।