Jammu and Kashmir में आसान नहीं होगी BJP की राह, पेट्रोल, डीजल, रसोई गैसी की बढ़ती कीमतों और महंगाई से नाराज जनता पर नहीं चलेगा मोदी लहर का जादू, बुध्दिजीवियों की बैठक के बाद दिल्ली पहुंची रिपोर्ट
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( Jammu Kashmir ) में इन दिनों विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। हालांकि केंद्र सरकार परिसीमन के बाद ही चुनाव कराने के मूड में है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जमीन मजबूत करना शुरू कर दिया है।
इसी कड़ी में भाजपा ( BJP ) की ओर से जम्मू के आरएस पुरा में बुद्धिजीवियों ( Intellectuals ) की बैठक आयोजित की गई। खास बात यह है कि इस बैठक में जो बातें सामने आईं उसने बीजेपी की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल बैठक में महंगाई, बेरोजगारी को लेकर पार्टी के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। यही नहीं इस बात पर जोर दिया गया है कि घाटी में बीजेपी मोदी लहर ( Modi Wave ) के भरोसे आगे ना बढ़े।
जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने के भगवा ब्रिगेड के सपने के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू न चलने की बात सामने आने के बाद पार्टी नेतृत्व और RSS की चिंताएं बढ़ना लाजमी है।
दरअसल हाल में बीजेपी की ओर से जम्मू के आरएसपुरा में हुई बुद्धिजीवियों की बैठक की रिपोर्ट दिल्ली पहुंची। इस रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए हैं, वो बीजेपी के लिए चिंता बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है भाजपा का शीर्ष नेतृत्व प्रदेश में कद्दावर नेता की तलाश कर रहा है जो चुनावी वैतरणी को पार लगा सके। इसके लिए पार्टी के बाहर के लोगों में भी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
ये था बैठक का मकसद
केंद्र की मोदी सरकार सही दिशा में जा रही है या इसमें सुधार करने की जरूरत है। आगामी जम्मू-कश्मीर चुनाव को लेकर बीजेपी किस बात पर फोकस करे इन मुद्दों को लेकर जम्मू-कश्मीर में भाजपा की आरएस पुरा इकाई की तरफ से बुद्धिजीवियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान इन बुद्धिजीवियों की राय ली गई और उसके आधार पर एक रिपोर्ट तैयार हुई।
बुद्धिजीवियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में होने वाले चुनाव में भाजपा इस बार मोदी लहर के सहारे न रहे। क्योंकि सरकार की नीतियों से जनता नराज है। प्रदेश में बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार ने कोई भी नीति नहीं बनाई है।
पेट्रोल, डीजल, गैस सिलिंडर और खाद्य सामग्रियों की कीमतें बेतहाशा बढ़ रही हैं। इसने आम लोगों का बजट बिगाड़कर रख दिया है।
बैठक के बाद सामने आई रिपोर्ट को लेकर बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व भी हरकत में आया है। बताया जा रहा है कि गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने स्थानीय नेताओं को जमीनी स्तर पर काम करने की हिदायत दी है।