राजनीति

जेपी नड्डा ने Sonia और Rahul से पूछा – क्या RGF को चंदे के बदले चीन के लिए खोला भारत का बाजार?

JP Nadda ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ( CPP ) और Congress के बीच करार पर भी सवाल उठाए। CJI SA Bobade ने कहा - कांग्रेस का चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से समझौता कैसे हो सकता है। Petitioners ने कहा कि MOU की शर्तों को सार्वजनिक नहीं किया गया।
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Updated: 7 Aug 2020, 6:33 PM IST
jp nadda
CJI SA Bobade ने कहा - कांग्रेस का चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से समझौता कैसे हो सकता है।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय प्रकाश नड्डा ( JP Nadda ) ने एक बार फिर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) और सांसद राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) पर हमला बोला है। उन्होंने दोनों से पूछा है कि क्या राजीव गांधी फाउंडेशन ( Rajiv Gandhi Foundation ) को मिले चंदे के बदले चीन के लिए भारत का पूरा बाजार खोल दिया। इसी के साथ नड्डा ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस ( CPP-Congress ) के बीच करार पर भी सवाल उठाए।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) में इस मुद्दे पर दाखिल याचिका पर चीफ जस्टिस की ओर से इसे अनसुना बताए जाने के बाद नड्डा ने मां-बेटे पर यह निशाना साधा है।

सुप्रीम कोर्ट भी करार से हैरान

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने ट्विट में कहा है कि यहां तक की कांग्रेस पार्टी और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ( CPP ) के बीच गुप्त करार यानि एमओयू को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी हैरान है। उन्होंने ट्विट में लिखा है कि सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी जिन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए, को इसका जवाब जरूर देना चाहिए।

अहम सवाल यह है कि क्या राजीव गांधी फाउंडेशन ( Rajiv Gandhi Foundation ) को चंदे के बदले चाइनीज के लिए भारतीय बाजार खोला गया, जिसकी वजह से भारतीयों के कारोबार पर असर पड़ा। नड्डा ने ट्विट के साथ एक न्यूज हेडलाइन का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया।

CJI - यह कानून में अनसुना है

दरअसल, कांग्रेस और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच एमओयू ( MOU ) 2008 में साइन हुआ था। चीफ जस्टिस एसए बोबड़े ने शुक्रवार को इस मामले में कहा कि कैसे एक राजनीतिक दल का समझौता चीन के साथ हो सकता है। यह कानून में अनसुना है।

MOU को सार्वजनिक क्यों नहीं किया

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं ( Petitioners ) को पहले हाईकोर्ट जाने को कहा। इसके बाद उन्होंने याचिका को वापस ले लिया। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि चीन के साथ खराब रिश्तों के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार में रहते हुए एमओयू साइन किया। इस समझौते के तथ्यों और ब्योरों को सार्वजनिक नहीं किया गया।

इस मामले में कांग्रेस पार्टी के साथ सोनिया और राहुल गांधी को भी पक्ष बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की यूएपीए के तहत एनआईए से जांच कराने को लेकर आदेश देने की मांग की थी।

बता दें कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार को घेरते हुए कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर विफल होने का आरोप लगाया था।

इसके जवाब में बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्टी की ओर से सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एमओयू साइन करने का मुद्दा उठाया।

Updated on:
7 Aug 2020, 6:33 PM IST
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