बेंगलुरू के जयनगर सीट पर मतदान रद्द होने की वजह से राज्य में 223 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे।
नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 222 सीटों पर मतदान शुरू हो चुका है। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान में राज्य के पूर्व सीएम और बीजेपी उम्मीदवार भी अपना वोट डालने पहुंचे हैं। वहीं, पुलिस आयुक्त टी. सुनील कुमार ने पत्रकारों से यहां कहा कि शनिवार को होने वाले चुनाव से पहले 10,500 पुलिसकर्मियों और 45,00 होमगार्ड को तैनात किया गया है। राजधानी बेंगलुरू के 28 विधानसभा क्षेत्रों में 27 क्षेत्रों में चुनाव होंगे। जयनगर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बी.एन. विजय कुमार के 4 मई को निधन होने के बाद रद्द कर दिया गया है।
पुलिसकर्मी यहां 7,477 मतदान केंद्रों पर तैनात रहेंगे, जहां मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होंगे। कुमार ने कहा कि हमने 1,469 मतदान केंद्रों की पहचान संवेदनशील केंद्रो के रूप की है। 150 से ज्यादा शीर्ष स्तर के पुलिस अधिकारी शहर में सुरक्षा स्थितियों को जायजा लेंगे। पुलिस अधिकारी ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 144 जिसके अंतर्गत एक जगह पर पांच लोगों के एकत्रित होने पर पाबंदी है, किसी भी अवांछित घटना से बचने के लिए पूरे शहर में रविवार को शाम छह बजे तक इसे लागू कर दिया गया है। पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक नीलामनी एन.राजू ने कहा कि 'मुक्त और निष्पक्ष' चुनाव कराने के लिए पूरे प्रदेश में 1,40,000 सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
राजू ने पत्रकारों से कहा कि अर्धसैनिक बलों की कुल 585 कंपनियों को 12,000 संवेदनशील मतदान केंद्रों के इतर 20,000 मतदान केंद्रो पर तैनात किया गया है। बेंगलुरू के जयनगर सीट पर मतदान रद्द होने की वजह से राज्य में 223 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे। निर्वाचन आयोग ने महिलाओं में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए 600 महिला चालित मतदान केंद्र बनाए हैं। जनजातियों में मतदान को बढ़ावा देने के लिए विशेष संस्कृति को दर्शाने वाले 28 विशेष मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस चुनाव में करीब 4.96 करोड़ लोग मत डालेंगे जिसमें 2.52 करोड़ पुरुष और 2.44 करोड़ महिलाएं शामिल है। वहीं 4500 ट्रांसजेंडर भी इस बार चुनाव में मतदान करेंगे। वहीं 18 से 19 वर्ष के कुल 15.42 लाख मतदाता भी पहली बार मतदान का प्रयोग करेंगे। यहां वर्ष 2013 में कुल 71.45 प्रतिशत मतदान हुआ था। निर्वाचन आयोग को उम्मीद है कि कई मतदान जागरूकता कार्यक्रम के बाद इस बार 75 प्रतिशत लोग चुनाव में मतदान करेंगे।