
नई दिल्ली। मंगलवार को सर्वदलीय बैठक के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस ने सरकार से साफ कर दिया है कि वो मानसून सत्र के दौरान कुछ मुद्दे उठाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) सदन में जोरदार तरीके से उठाएगी। इसके साथ ही महिला सुरक्षा भी पार्टी के एजेंडे में टॉप पर है। आपको बता दें कि कुछ देर बार से संसद का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है।
विपक्ष को मुद्दा उठाने का अवसर दे सरकार
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि इस सत्र को सफल बनाने के लिए हमारी पार्टी सरकार के सहयोग करेगी। लेकिन पार्टी सरकार से इस बात की अपेक्षा भी करेगी वो कांग्रेस को महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाने का मौका सदन में दे। उन्होंने बताया कि सर्वदलीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सत्र के दौरान विपक्ष कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाएगा। हमारी पार्टी इस मसले पर सरकार से सहयोग की अपेक्षा रखती है।
वादे को पूरा करने में सरकार विफल
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार चार सालों में अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है। उन्होंने मॉब लिंचिंग के बढ़ते मामलों के लिए सरकार की भर्त्सना करते हुए कहा कि लिंचिंग, गोरक्षा और लिंचिंग के आरोपियों का सम्मान देश भर में जारी है। सरकार इन लोगों से सीधे तौर पर जुड़ी है। मानसून सत्र में हम इन्हीं मुद्दों पर बहस करेंगे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। सरकार चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में किए गए रोजगार, सबके साथ सबका विकास तथा कई अन्य महत्वपूर्ण वादों को पूरा करने में असफल रही है। हमारी पार्टी सरकार से जानना चाहेगी कि पिछले चार सालों में कितनी नौकरियों का सृजन हुआ और देश में कितना विदेशी निवेश हुआ।
महिला सुरक्षा
उन्होंने थॉमसन रायटर्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत में महिला सुरक्षा पर हालिया रिपोर्ट आने के बाद हमें विश्वास हो गया है कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इस पर चर्चा होने की जरूरत है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इसी तरह विश्वविद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों की भर्तियों में आरक्षण समाप्त करने की सरकार की मंशा पर सवाल उठा पूछे जाएंगे। विपक्षी दल अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक का मुद्दा भी उठाएंगे। विमुद्रीकरण की घोषणा के बाद पांच दिन के अंदर इस बैंक में 745 करोड़ रुपए जमा कराए गए थे।