इस मुद्दे पर सीएम कुमारस्वामी की ओर से आक्रोश में आकर दिए गए बयान को भाजपा ने लपक लिया।
नई दिल्ली। कर्नाटक की सियासी घटनाएं इन दिनों सीएम एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ है। एक तरफ कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के बीच तनातनी से परेशान हैं दूसरी तरफ भाजपा ने कर्नाटक को बांटने की राजनीति का शिगूफा छोड़कर उनकी सिरदर्दी बढ़ा दी है। भाजपा ने बजट में उत्तर कर्नाटक करने का आरोप सीएम पर लगाया है। साथ ही भाजपा नेताओं ने उत्तर कर्नाटक को अलग राज्य बनाने को लेकर शिगुफा छोड़ दिया है। भाजपा के इस चाल को सीएम समझ नहीं पाए और उन्होंने बयान जारी कर दिया कि अगर उत्तर कर्नाटक वालों को विकास की इतनी ही चिंता सता रही है तो जेडीएस को चुनाव के दौरान और वोट दे देते।
दक्षिण से ज्यादा उत्तर को फायदा
सीएम ने कहा कि सत्ता तक पहुंच नहीं बना पाने की वजह से भाजपा नेता ईर्ष्यावश कर्नाटक को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। जबकि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन उत्तर कर्नाटकके विकास के लिए भी काम कर रही है। भाजपा के दाव से बेखबर सीएम कुमारस्वामी ने भावना में आकर यहां तक कह दिया कि किसानों के कर्जमाफी के उनके फैसले से दक्षिण की तुलना उत्तर के किसानों को ज्यादा फायदा हुआ है। यहां तक कि गुस्से में उन्होंने ये भी कह डाला कि अगर उत्तर कर्नाटक के लोगों को कुछ ज्यादा चाहिए था उन्हें वोट भी देना चाहिए था।
येदियुरप्पा ने ली सीएम की चुटकी
अब इस बात को लेकर विपक्षी पाट्रियों ने उनके खिलाफ मुहिम छेड़ दी है, जिससे उनकी परेशानी पहले से ज्यादा बढ़ गई है। सीएम कुमारस्वामी द्वारा इस मुद्दे पर आक्रोश में आकर बयान देने को भाजपा ने लपक लिया है। भाजपा ने पलटवार करते हुए सीएम के बयान पर हमला बोल दिया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि सत्ता सीएम के सिर चढ़ गई है। उन्हें पूरे कर्नाटक के मुख्यमंत्री की तरह व्यवहार करना चाहिए। उनके इस बयान से साफ है कि उत्तर और दक्षिण के लोगों के बीच वो असमान व्यावहार कर रहे हैं। अगर ऐसा नहीं है तो उन्हें नाराज होने की क्या जरूरत थी?
कर सकते हैं अलग राज्य की मांग संभव
भाजपा नेता उमेश कात्ती और बी श्रीरामलु व अन्यों ने कहा कि जिस तरह से जेडीएस दक्षिण कर्नाटक के विकास में लगी है, उससे वे भी अलग उत्तर कर्नाटक राज्य की मांग कर सकते हैं। इन नेताओं का कहना है कि कर्नाटक के बजट का अधिकांश हिस्सा दक्षिण कर्नाटक के लिए आवंटित किया गया है।