
नई दिल्ली। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल टूटने के कगार पर है। जहां पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता आगामी विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ने के पक्ष में हैं वहीं लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तल्ख टिप्पणी कर साफ कर दिया है कि जेडीयू के साथ गठबंधन का सवाल ही नहीं होता।
आरजेडी के युवा नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को अकेले दम पर विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। उन्होंने नीतिश कुमार पर आरजेडी और बीजेपी को हमेशा धोखा देने का भी आरोप लगाया है।
नीतीश के लिए कुर्सी पहला और अंतिम विचार
यादव ने कहा है कि आदरणीय नीतीश कुमार की कोई नीति, सिद्धांत और विचारधारा नहीं है। हमेशा ज़ुबानी खर्च में कहते रहे कि हम ट्रिपल तलाक़ और 370 का विरोध करेंगे। लेकिन संसद में वोटिंग के समय BJP की मदद करी। उन्होंने हमेशा आरजेडी, महागठबंधन और बीजेपी को BJP को धोखा दिया है। नीतीश के लिए कुर्सी ही पहला और अंतिम विचार है। यही उनका धर्म भी है।
अकेले चुनाव लड़ने का नहीं है दम
आरजेडी के युवा नेता तेजस्वी यादव यहीं नहीं रुकें। उन्होंने कहा कि माननीय नीतीश कुमार जी की अपनी कोई ताक़त नहीं। आजतक न कभी अकेले चुनाव लड़ा और न 15 साल मुख्यमंत्री रहने के बावजूद अकेले लड़ने की क्षमता है।
लालू के छोटे बेटे तेजस्वी ने कहा कि बिहार के हर दल के साथ समय-समय पर उन्होंने गठबंधन किया है और सभी के साथ हमेशा उन्होंने ही गठबंधन तोड़ विश्वासघात किया है और ऐसा करते रहेंगे।
गैर बीजेपी दलों का एक मंच पर आना जरूरी
आरजेडी के वरिष्ठ नेता लालू यादव के भरोसे के साथी रघुवंश प्रसाद सिंह नीतीश को साथ लाने की बात कह रहे हैं। रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि नीतीश अगर बीजेपी से अलग होते हैं तो इस मामले पर ज़रूर बात होगी। रघुवंश प्रसाद ने कहा कि गैर बीजेपी एकजुट होगा तभी हम बीजेपी को पछाड़ सकते हैं।
अभी नीतीश जी बीजेपी के पिछलग्गू बने हुए हैं। अगर वो वहां से अलग होकर आते हैं तो हम इसपर विचार करेंगे। पहले उनको बीजेपी से अलग होना होगा तभी कुछ विचार किया जा सकता है।