Congress पदाधिकारियों ने कहा कि गरीब-प्रवासी मजदूर ( Migrant Labourers ) मुसीबत में हैं। केंद्र सरकार ( Centre Government ) को अमीरों की फिक्र तो है, गरीब-मजदूरों की नहीं। संबित पात्रा ( Sambit Patra ) को लेकर कहा नकारत्मक लोगों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं।
नई दिल्ली। लॉकडाउन 3.0 ( coronavirus Lockdown ) में प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए रेलवे की सेवाओं के एवज में टिकट के पैसे लेने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने केंद्र की BJP सरकार को घेरा है। सोमवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) ने घोषणा की थी कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ऐसे गरीब-प्रवासी मजदूरों ( Migrant Labourers ) की घर वापसी का खर्च उठाएगी। इसके बाद कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी केंद्र पर निशाना साधा है।
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हमारे गरीब प्रवासी मजदूर लॉकडाउन ( Lockdown ) के बाद मुसीबत में हैं। कांग्रेस पहले दिन से इनके लिए आवाज उठा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुुल गांधी ने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान इस ओर दिलाया, लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया। ऐसे में कांग्रेस को यह कदम उठाना पड़ा।
वेणुगोपाल ( KC Venugopal ) ने आगे कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी प्रदेश अध्यक्षों से कहा था कि जब सरकार पूरी तरह से फेल हो रही है तो हमें कुछ करना पड़ेगा।
वेणुगोपाल ने कहा कि हमने कांग्रेस के सभी प्रदेश अध्यक्षों से कहा है कि वह अपने-अपने राज्यों के मुख्य सचिवों से बात कर टिकट की राशि का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू करें। कर्नाटक में प्रदेश कांग्रेस ने एक करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया है। यदि वहां और जरूरत पड़ती है तो दी जाएगी।
वहीं, रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर अडिग है। इसलिए कांग्रेस को यह ऐतिहासिक कदम उठाना पड़ा। भाजपा नेता कहते हैं कि उनके खून में व्यापार है। इसलिए सरकार का मजदूरों से व्यवहार इस तरह का है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार मेहुल चोकसी, नीरव मोदी, विजय माल्या के लाखों-करोड़ों माफ कर सकती है। लेकिन मजदूरों को नहीं दे सकती।
सुरजेवाला ने भाजपा नेता संबित पात्रा के ट्वीट पर कहा कि नकारात्मक लोगों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस ने सेवाभाव से यह ऐतिहासिक फैसला लिया है। खुद का त्याग कर दूसरे की मदद करनी होगी। राष्ट्र निर्माता हमारा एक भी मजदूर घर जाने से ना रुक पाए। इसलिए कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता जुटेगा। पात्रा रेलवे या सरकार की ओर से बयान देने के लिए अधिकृत नहीं है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री पीयूष गोयल को जवाब देना चाहिए।
वहीं, वेणुगपाल ने पात्रा पर कटाक्ष किया कि मजदूरों के पास पैसा नहीं है। कर्नाटक में मजदूरों को स्पेशल ट्रेन में जाने का पैसा नहीं था। वहां की सरकार ने मदद नहीं की तो कांग्रेस ने एक करोड़ रुपए जमा कराया। वैसे हम इसको लेकर राजनीति नहीं करना चाहते।