के. सी त्यागी ने कहा कि 2019 का लोकसभा चुनाव भाजपा और जदयू एक साथ लड़ेगी।
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीति दिनों दिन गरमाती जा रही है। बिहार में भी सियासी पारा गर्म है। वही, जनता दल युनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के बीच हल्की खटास से ऐसी अटकले लगनी शरू हो गई थी कि दोनों एक साथ लोकसभा चुनाव लड़ेगे या नहीं, लेकिन इन अटकलों के बाजर को शांत करते हुए जदयू ने साफ कर दिया है दोनों एक साथ ही 2019 में चुनाव लड़ेगे।
भाजपा के साथ ही चुनाव लड़ेगा जदयू
दरअसल, रविवार को जदयू ने कहा कि वह भाजपा के साथ गठबंधन में ही 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ेगा। जदयू ने कहा कि भ्रष्ट पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है। जदयू के महासचिव के. सी. त्यागी ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'आज हमारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर बातचीत हुई। हालांकि कोई औपचारिक प्रस्ताव पारित नहीं हुआ लेकिन इस बात पर आम सहमति बनी कि हम चुनाव में भाजपा के साथ जाना पसंद करेंगे।'त्यागी ने आगे कहा कि इससे मीडिया में जारी अटकलों पर विराम लग जाएगा कि हम भाजपा से अलग होने जा रहे हैं।
सुशील कुमार मोदी का ट्वीट
वहीं, कुछ देर बाद उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस संबंध में ट्वीट किय। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि जदयू ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित किया है कि वह लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के साथ रहेगा।
नीतीश कुमार प्रदेश में होंगे एनडीए का चेहरा
बता दें कि जदयू की यह बैठक इस घोषणा के बाद हुई जिसमें कहा गया कि पार्टी बिहार में बड़े भाई की भूमिका में होगी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेश में एनडीए का चेहरा होंगे। उन्होंने कहा, 'हमारे नेता नीतीश कुमार ने राहुल गांधी (महागठबंधन छोड़ने से पूर्व) से मुलाकात की थी और उनको लालू प्रसाद के परिवार के भ्रष्टाचार के बारे में जानकारी दी थी। लेकिन उन्होंने महागठबंधन को बिखरने से रोकने के लिए कुछ नहीं किया।
भ्रष्टाचार पर राहुल गांधी का रुख साफ नहीं
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर राहुल गांधी का रुख साफ नहीं है। कांग्रेस जब तक भ्रष्ट राजद के बारे में अपना रुख जाहिर नहीं करती है तब तक हम उससे बात कैसे कर सकते हैं। त्यागी ने कहा कि नेता नीतीश कुमार का संदेश बिल्कुल साफ है। हमारी पार्टी भ्रष्टाचार, अपराध और सांप्रदायिकता से समझौता नहीं करेगी।