
मुंबई: मराठा आरक्षण आंदोलन का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। सोमवार को शिवसेना ने मंत्रियों और विधायकों की बैठक बुलाई है। पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के आवास पर 12 बजे पार्टी विधायकों और मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। बैठक में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चर्चा की जाएगी।
शिवसेना ने फडणवीस पर साधा निशाना
गौरतलब है कि मराठा आरक्षण को लेकर शिवसेना ने सत्तारूढ़ सहयोगी भारतीय बीजेपी पर तीखा हमला बोला। शिवसेना ने सुझाव दिया कि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे को सर्वसम्मति से एक घंटे के लिए मुख्यमंत्री बना दिया जाए, ताकि मराठा आरक्षण की फाइल को मंजूरी दी जा सके। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदा कैबिनेट सहयोगी के बयान को आधार बनाकर शिवसेना ने कहा कि अगर मुंडे एक घंटे के लिए मुख्यमंत्री बनती हैं तो कोई बाधा नहीं आएगी। वह पलक झपकते ही फाइल पर हस्ताक्षर कर देंगी और इसके बाद मराठा आरक्षण का मुद्दा शां त हो सकता है। शिवसेना ने कहा कि जैसा कि मुंडे दावा कर रही हैं, अगर वह ऐसा कर सकती हैं तो फडणवीस क्यों नहीं? शिवसेना की यह तीखी टिप्पणी पार्टी के मुखपत्र 'सामना' और 'दोपहर का सामना' में प्रकाशित हुई है।
पंकजा के बयान से आया भूचाल
गुरुवार को महाराष्ट्र की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री पंकजा मुंडे ने यह कहकर सियासी भूचाल ला दिया था कि अगर मराठा आरक्षण की फाइल उनके पास आई होती तो वह बिना झिझक उसे मंजूरी दे दी होतीं, लेकिन अब मामला विचाराधीन हो गया है। मुंडे की इस टिप्पणी के बाद शिवसेना का यह सुझाव आया है।
सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति
गौरतलब है कि शनिवार को मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई । बैठक के बाद सीएम फडणवीस ने कहा कि मराठा आरक्षण पर सभी पार्टियां सहमत हैं और हम इस पर एकमत से फैसला लेंगे।