महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के बीच सियासी संग्राम जारी विधानसभा चुनाव नतीजे आए तीन हफ्तों से अधिक का समय इसके बावजूद राज्य में नहीं हो पा रही है नई सरकार की तस्वीर स्पष्ट
नई दिल्ली।महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के बीच सियासी संग्राम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब जबकि विधानसभा चुनाव नतीजे आए तीन हफ्तों से अधिक का समय हो गया है, बावजूद इसके राज्य में नई सरकार की तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
हालांकि शिवसेना , राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन में सरकार बनने की राह आसान होती दिखाई दे रही है, बावजूद इसके सरकार बनाने में लगातार विलंब हो रहा है।
महाराष्ट्र में नई सरकार गठन को लेकर चल रही सियासी उठा-पटक पर खुद शिवसेना प्रमुख संजय राउत ने कहा है कि अलग-अलग विचारधारा वाली पार्टियों को एकसाथ आने में आने में थोड़ा समय लग रहा है।
यही वजह है कि सरकार बनाने में विलंब हो रहा है। संजय राउत ने दावा किया है कि राज्य में अगले महीने यानी दिसंबर तक सरकार बन जाएगी।
राउत के अनुसार 170 विधायकों के समर्थन के साथ राजय में शिवसेना-NCP-कांग्रेस की सरकार बनेगी। हालांकि राउत ने सरकार गठन के लिए दिसंबर की पहले हफ्ते में संभावनाएं जताई हैं।
भाजपा पर निशाना साधते हुए संजय राउत ने कहा कि उन लोगों ने हमें धोखा दिया है। उन्होंने हमें वचन दिया था, वो आज उससे मुकर रहे हैं।