पीडीपी सुप्रीमों महबूबा मुफ्ती के बयान में आतंकियों से की गई सुरक्षाकर्मियों की तुलना को लेकर सियासी घमासान खड़ा हो गया है।
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में एक के बाद एक अगवा हो रहे पुलिसकर्मियों के परिजनों को लेकर राज्य की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने विवादित बयान दिया है। पूर्व सीएम का कहना है कि आतंकी और फोर्स दोनों ही एक-दूसरे के परिजनों को प्रताड़ित कर रहे हैं। पीडीपी सुप्रीमों महबूबा मुफ्ती के बयान में आतंकियों से की गई सुरक्षाकर्मियों की तुलना को लेकर सियासी घमासान खड़ा हो गया है। हालांकि अन्य किसी राजनीतिक दल ने महबूबा के बयान को लेकर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन इससे देशभर की सियासत गर्म होने के आसार बन गए हैं।
महबूबा ने लिखा टिवट कर लिखा है कि आतंकी और फोर्स एक-दूसरे के पजिरनों को प्रताड़ित कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने इसको निंदनीय बताया है। पीड़ीपी चीफ ने कहा कि यह हमारी स्थिति के स्तर के और नीचे गिरने का प्रतीक है। महबूबा ने आगे लिखा कि परिवारों को उन घटनाओं के लिए प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए, सही मायनों में जिन पर उनका कोई कंट्रोल नहीं हैं। इसके साथ ही नेशनल कॉंफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने भी घटना की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि इस तरह से लोगों का अपहरण होना घाटी की चिंताजनक स्थिति को बयां करता है। पूर्व सीएम ने कहा कि कथित कार्रवाइयों को लेकर सुरक्षाबल जिन लोगों के निशाने पर रहते हैं, आज वो लोग चुप्पी साधे हुए हैं।
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने 10 लोगों को अगवा कर लिया है। अगवा किए गए सभी लोग पुसिसकर्मियों के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अशांति फैला रहे दहशतगर्द अब आतंक की हद पर कर चुके हैं। स्थानीय नागरिकों के बाद और पुलिसकर्मी और सेना के जवान दहशतगर्दों के निशाने पर हैं।