ममता बनर्जी ने त्रिपुरा में भाजपा की जीत की तुलना नगरपालिका चुनाव जीतने से की थी।
कोलकाता। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मानसिक शांति के लिए मंदिर जाने की सलाह दी है। ममता बनर्जी द्वारा त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी की जीत को अस्वीकार करने वाले बयान के बाद त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ममता दीदी को अस्पताल में अपने दिमाग की जांच करनी चाहिए।'
निराश हैं ममता दीदी
बिप्लब कुमार देब ने कहा कि इससे प्रतीत होता है कि वह निराश है औऱ उन्हें हमसे जलन हो रही है। संविधान सभी राज्यों के साथ एक समान बर्ताव करता है, भले ही कुछ राज्य आकार में बड़े हों। उन्होंने कहा कि 'अगर मैं छह फीट तीन इंच का हूं और कोई पांच फीट का ही है तो क्या वह इंसान नहीं है।' उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को पहले मंदिर जाना चाहिए,फिर किसी अस्पताल में दिमाग की जांच करानी चाहिए।
त्रिपुरा के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख को "मानसिक शांति" के लिए मंदिरों का दौरा करना चाहिए। बिप्लब देव ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, "ममता दीदी को मंदिर जाना चाहिए और फिर अस्पताल में उसकी मस्तिष्क की जांच करनी चाहिए।" बता दें कि इससे पहले एक साक्षात्कार में ममता बनर्जी ने भाजपा को त्रिपुरा में मिली जीत को अस्वीकार कर दिया था। ममता बनर्जी ने त्रिपुरा में भाजपा की जीत की तुलना नगरपालिका चुनाव जीतने से की थी।
ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि त्रिपुरा में भाजपा की जीत उनके लिए चिंता का कोई कारण नहीं है। बता दें कि भाजपा और पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) गठबंधन ने त्रिपुरा विधानसभा चुनावों में दो तिहाई बहुमत के साथ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) को बुरी तरह हराया। त्रिपुरा विधानसभा के लिए हुए चुनाव में भाजपा गठबंधन ने 59 सीटों में से 35 सीटें जीतीं जिसके बाद बिपल्ब कुमार देब को भाजपा ने अपना मुख्यमंत्री बनाया गया था। सत्तारूढ़ पार्टी सीपीआई (एम) को केवल 17 सीटे हीं मिली। इन चुनावों में त्रिपुरा के लम्बे समय तक सीएम रहे माणिक सरकार की करारी हार हुई थी।