29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

विपक्षी एकता को झटका: ममता बनर्जी को राहुल का नेतृत्‍व स्‍वीकार नहीं, बनाएंगी फेडरल फ्रंट

ममता बनर्जी ने राहुल का नेतृत्‍व स्‍वीकार न कर पीएम मोदी के खिलाफ विपक्षी एकता की हवा निकाली।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Dhirendra Kumar Mishra

•

Updated: 25 Apr 2018, 8:46 AM IST

mamta banerji

नई दिल्‍ली। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलकर विपक्षी एकता को तगड़ा झटका दिया है। उन्‍होंने साफ शब्‍दों में कह दिया है कि उन्‍हें राहुल का नेतृत्‍व स्‍वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को हराने के लिए हम फेडरल फ्रंट बनाना चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस के आगे झुकने का सवाल ही नहीं होता। हमारे फेडरल फ्रंट की मुहिम में सभी पार्टियों का एक समान महत्व होगा। किसी भी पार्टी को तवज्जो नहीं दिया जाएगा।

देश कांग्रेस की जमींदारी नहीं
सीएम बनर्जी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि यह देश किसी की जमींदारी नहीं है। न ही वो किसी जमींदारी को मानती हैं। जमींदारी सिस्‍टम को दशकों पूर्व ही कानून बनाकर समाप्‍त किया जा चुका है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग का नोटिस लाना कांग्रेस की सबसे बड़ी गलती है। न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना गलत है। अदालत कभी आपके पक्ष में और कभी विपक्ष के हक में फैसला सुनाती है। इसका मतलब यह नहीं कि आप न्यायिक व्यवस्था पर ही सवाल उठाने लगें।

2019 में हारेंगे पीएम मोदी
सीएम ने पीएम मोदी पर वार करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने एक के बाद एक जनविरोधी फैसले लिए हैं। जनता केंद्र के इन फैसलों से नाराज है। 2019 के चुनाव में पीएम मोदी की हार तय है। केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले से प्रत्येक वर्ग के लोग प्रभावित हुए हैं। नोटबंदी की मार से लोग अभी तक उबर नहीं पाए हैं। उसके बाद जीएसटी ने लोगों की कमर तोड़ दी। जीएसटी को बिना तैयारी के लागू किया गया। इससे उद्योग जगत को काफी नुकसान हुआ। भाजपा देश भर में सांप्रदायिक तनाव फैला रही है, इससे पूरे देश में रोष है। केंद्र सरकार से दलित, ईसाई व अल्पसंख्यक सभी वर्ग के लोग नाराज हैं और इसका खामियाजा उनको लोकसभा चुनाव में भुगतना होगा। इसके अलावा एफआरडीआइ बिल से लोग संशय में हैं। लोगों को आशंका है बैंक में उनका रुपए सुरक्षित है कि नहीं। इन कारणों से भाजपा की हार निश्चित है।