
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ साल की मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या की घटना से पूरा देश सदमे में है। हर तरफ से दोषियों के लिए फांसी की मांग हो रही है। इसी बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने यौन अपराधों से संबंधित बाल संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) में संशोधन की वकालत करते हुए कहा कि इसके दोषियों को फांसी सजा के लिए सरकार कानून लाएगी।
12 साल से कम उम्र के बच्चों से रेप पर मौत की सजा
मेनका गांधी ने कहा कि मैं कठुआ और हालिया यौन शोषण मामलों को जानकर बहुत ज्यादा व्यथित हो गई हूं। मैं और मंत्रालय मिलकर पोक्सो अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव रखेंगे जिसके अनुसार 12 साल से कम उम्र के बच्चों के यौन शोषण के मामले में मौत की सजा का प्रावधान हो।
इंसान होना एक गाली: वी के सिंह
वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री वी के सिंह ने कठुआ में मासूम के साथ गैंगरेप के बाद हत्या के मामले पर प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री वी के सिंह इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए कहा कि आसिफा के लिए हम इंसान के रूप में नाकाम रहे, लेकिन उसे इंसाफ ज़रूर मिलेगा। वीके सिंह ने ट्वीट में लिखा हैं ‘इंसान और जानवर में फर्क होना चाहिए और ये है भी, लेकिन आठ साल की बच्ची के साथ जो हुआ है उससे लगता है कि इंसान होना एक गाली है। जानवर इससे कहीं अच्छे हैं। शायद ही कोई होगा जो इस घटना से भावुक ना हुआ हो।’ उन्होंने आगे लिखा है, ‘भावनाओं को अलग रखकर कहना चाहता हूं कि अपराधियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि उनका उदाहरण आने वाली पीढ़ी भी रख सके। एक और चीज। जो धर्म की आड़ में अपराधियों को शरण देना चाहते हैं, उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि वो भी अपराधियों की ही श्रेणी में ही गिने जाएंगे। आपका समर्थन दर्शाता है कि समय आने पर आप भी ऐसे ही अपराध करने में सक्षम है। खुद ही फैसला करें कि आप किनके प्रतिनिधि बनना चाहते हैं। अपने धर्म और देश के नाम पर ऐसा कलंक ना पोते जिसके हम ना चाहते हुए भी भागीदार बने।’
मंदिर में हुआ बच्ची से गैंगरेप
गौरतलब है कि जनवरी में कठुआ के रसाना गांव में बकरवाल समुदाय की आठ वर्षीय बच्ची को अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या में मास्टरमाइंड सांझी राम सहित आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच से पता चला है कि बच्ची को मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया और उसे आठ दिनों तक भूखा रखकर नशीली दवाएं दी गई और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इसके बाद बच्ची की नृशंस हत्या कर दी गई। जांच के मुताबिक, गांव में घुमंतू मुस्लिम समुदाय में खौफ पैदा करने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया।