
नई दिल्ली। अपने बिगड़े बोल से पार्टी की किरकिरी करवाने के बाद निलंबन का दंश झेल रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की एक बार फिर पार्टी में एंट्री हो गई है। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अशोभनीय एवं विवादित टिप्पणी करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर को कांग्रेस ने निलंबित किया था। शनिवार को पार्टी ने उनका निलंबर रद्द करते हुए उनकी सदस्यता बहाल कर दी। कांग्रेस ने मणिशंकर अय्यर को कारण बताओ नोटिस जारी कर उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने ऐन गुजरात चुनाव के बीच प्रधानमंत्री पर अपमानजनक टिप्पणी कर कांग्र्रेस को बैकफुट पर डाल दिया था।
ये पहला मौका नहीं था जब मणिशंकर ने विवादित बयान दिए हैं इससे पहले भी वे कई बार पार्टी या फिर दल के नेताओं को लेकर उट पटांग बयान दे चुके है, जिसको लेकर राहुल गांधी ने भी उन्हें फटकार लगाई थी। उन्होंने ट्वीट किया, कांग्रेस की एक अलग संस्कृति और विरासत है। मैं मणिशंकर अय्यर की ओर से इस्तेमाल की गई भाषा का समर्थन नहीं करता हूं। अय्यर ने जो कहा है, वह उसके लिए माफी मांगेंगे। विवाद और राहुल गांधी के बयान के बाद अय्यर ने माफी मांग ली।
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पिछले साल दिसंबर में गुजरात में चुनाव से चंद दिनों पहले प्रधानमंत्री मोदी के बारे में विवादित टिप्पणी की थी, जिसे खुद मोदी और बीजेपी ने चुनावी सभाओं में जोर-शोर से उठाया था. राहुल गांधी और कांग्रेस ने अय्यर की टिप्पणी को खारिज करते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था।
कुछ दिनों पहले ही मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी की थी। अय्यर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के मित्रों में से शामिल रहे हैं। ऐसे में उनकी सदस्यता बहाली सिर्फ औपचारिकता ही मानी जाती है।
पिछले दिनों मणिशंकर अय्यर ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि मैंने नहीं सोचा था कि 2014 से एक सीएम जो मुसलमानों को पिल्ला समझता है, वह पीएम बनेगा। जब उनसे पूछा गया कि आपको उस घटना का दुख है तो उन्होंने कहा था कि एक पिल्ला भी गाड़ी के नीचे आ जाए तो दिल में चोट लगती है। मैंने सोचा कि जिस आदमी ने ऐसा कहा, जो दंगों के 24 दिन तक मुस्लिमों के कैंप में नहीं गया। अहमदाबाद मस्जिद उस दिन पहुंचा जब पीएम वाजपेयी आए। उस दिन जाना मजबूरी थी। मैंने सोचा ही नहीं था कि ऐसा व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बन सकता है।