कठुआ गैंगरेप को लेकर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशान साधते हुए कहा कि उन्हें नसीहत देने के बदले हर गंभीर मसलों पर बोलना चाहिए।
नई दिल्ली। कठुआ और उन्नाव के सनसनीखेज गैंगरेप मामले में अभी तक चुप रहे पीएम मोदी पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम को अपने सुझावों पर अमल करना चाहिए। 2014 तक वो मुझे नेक सलाह दिया करते थे कि मैं हर मुद्दे पर मौन रहता हूं। उन्होंने कहा कि लंबी चुप्पी के बाद डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर पीएम ने एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत की बेटी को न्याय मिलेगा और जरूर मिलेगा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन उन्हें हर गंभीर मसले पर बोलने की जरूरत है।
मुझे तो सुनने की आदत है
आपको बता दें कि पीएम मोदी सहित भाजपा के नेता मनमोहन सिंह को मौनी बाबा कहते आए हैं। मीडिया से इस बात का जिक्र करते हुए पूर्व पीएम मनमोहन ने कहा कि मैंने इस तरह के बयान पूरी जिंदगी सुने हैं। मुझे इसकी आदत है। अगर लोग मुझे मौन रहने का ताना देते हैं तो कोई फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन पीएम चुप रहेंगे तो इसका असर उन पर पड़ेगा। उन्होंने 2012 के निर्भया गैंगरेप मामले का जिक्र करते हुए कहा कि तब कांग्रेस पार्टी की सरकार ने जरूरी कदम उठाए थे और रेप से जुड़े कानून को बदला था।
भाजपा वाले महबूबा पर बनाएंगे दबाव
कठुआ गैंगरेप मामले में जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती की उदासीनता पर उन्होंने बताया कि सीएम महबूबा को इस मसले को और गंभीरता लेना चाहिए था। अगर केस की शुरुआत में गंभीरता दिखाई जाती तो आरोपियों को और जल्द गिरफ्तार किया जा सकता था। अब इस मुद्दे पर उनके ऊपर भाजपा का दबाव बढ़ सकता है। ऐसा इसलिए कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई। भाजपा ने दबाव में आकर अपने दोनों विधायक चंद्र प्रकाश गंगा और चौधरी लाल सिंह को जम्मू-कश्मीर कैबिनेट से बतौर मंत्री इस्तीफा दिला दिया है। अब वो नैतिकता का पाठ सीएम को पढ़ाएंगे।
दबाव में आई भाजपा
आपको बता दें कि कठुआ और उन्नाव दोनों ही मामलों में भाजपा गठबंधन की सरकार को विरोधियों ने कठघरे में ला खड़ा किया। उन्नाव केस में पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत और उसके बाद मचे हंगामें को देखते हुए यूपी की योगी सरकार दबाव में आई और भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ केस दर्ज हुआ और उन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार भी किया। दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर के कठुआ गैंगरेप मामले में आरोपियों के पक्ष में भाजपा के दो विधायकों ने विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए जो उनके लिए महंगा पड़ा।