'#MeToo कैंपेन' के चलते आधा दर्जन महिलाओं के यौन शोषण के आरोप में घिरे विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं
नई दिल्ली। यौन दुर्व्यवहार के आरोपों में घिरे केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विपक्ष लगातार एम. जे. अकबर को घेरते हुए भाजपा पर हमला बोल रहा है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने विदेश राज्यमंत्री एम.जे. अकबर के खिलाफ लगाए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर गुरुवार को उनके इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने एक बयान में कहा, "कई महिला पत्रकारों ने आगे आकर एम.जे. अकबर द्वारा यौन उत्पीड़न और उनके अस्वीकार्य बर्ताव के अपने अनुभवों को साझा किया है। यह आरोप उस वक्त के हैं, जब अकबर विभिन्न समाचार पत्रों में संपादक के पद पर थे।" पार्टी ने कहा, "यह गंभीर आरोप हैं, अकबर का बतौर मंत्री केंद्र सरकार में बने रहना अस्वीकार्य है। उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।" फिलहाल नाइजीरिया के आधिकारिक दौरे पर गए अकबर से कथित रूप से अपने दौरे की अवधि को घटाने को कहा गया है। उधर कांग्रेस नेता एस. जयपाल रेड्डी और ऑल इंडिया मजलिस ए इतेहदुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी मांग की है कि अगर पूर्व संपादक आरोपों से पाक-साफ रहने में विफल रहते हैं तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
दे सकते हैं इस्तीफा
माना जा रहा है कि भाजपा नेताओं पर एम.जे अकबर को हटाने को लेकर भारी दबाव है। सूत्रों के अनुसार आ रही खबरों की मानें तो सरकार की ओर से उन्हें नाइजीरिया दौरे को जल्द खत्म कर गुरुवार तक स्वदेश लौटने को कहा गया है। माना जा रहा है कि अकबर अपने विदेशी दौरे से लौटने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। आपको बता दें कि कई महिलाओं ने उन पर मीडिया संस्थान में संपादक रहते हुए यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।