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एमजे अकबर के सवाल पर चुप्पी साध गए राहुल गांधी, #Metoo को बताया गंभीर मुद्दा

फाल डील को लेकर मीडिया से बात कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी #MeToo मामले पर चुप्पी साध गए।
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Mohit sharma

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Updated: 11 Oct 2018, 2:53 PM IST

Rahul Gandhi

एमजे अकबर के सवाल पर चुप्पी साध गए राहुल गांधी, #Metoo को बताया गंभीर मुद्दा

नई दिल्ली। रफाल डील को लेकर मीडिया से बात कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी #MeToo मामले पर चुप्पी साध गए। कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉंफ्रेंस के दौरान जब मीडिया ने राहुल गांधी से #MeToo आरोपों से घिरे विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर को लेकर सवाल किया तो वह इस मुद्दे पर बोलने से कतराते दिखे। हालांकि उन्होंने इसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दा बताया। राहुल गांधी ने कहा कि हम इस मामले अलग से बात करेंगे और हमारी पार्टी इस मामले को लगातार उठा रही है।

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आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांसीसी मीडिया की रिपोर्ट के आधार पर 'भ्रष्ट' बताया जिसमें कहा गया है कि रफाल सौदे के लिए रिलायंस डिफेंस का होना 'अनिवार्य व बाध्यकारी' शर्त थी। राहुल ने यहां एक विशेष मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत के प्रधानमंत्री भ्रष्ट हैं, मैं इस देश के युवा से कहना चाहता हूं कि वह भ्रष्ट हैं। उन्होंने फ्रांसीसी वेबसाइट मीडियापार्ट की रिपोर्ट के कुछ अंश भी पढ़े, जिसमें बुधवार को इंटरनल दसॉ दस्तावेज का हवाला दिया गया था। वेबसाइट ने दस्तावेज के हवाले से बताया कि लड़ाकू विमान सौदे को सुनिश्चित करने के लिए रिलायंस के साथ काम करना एक 'अनिवार्य व बाध्यकारी शर्त' थी।

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वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कई महिला पत्रकारों द्वारा पूर्व संपादक व विदेश राज्यमंत्री एम.जे. अकबर के खिलाफ लगाए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर गुरुवार को उनके इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने एक बयान में कहा, "कई महिला पत्रकारों ने आगे आकर एम.जे. अकबर द्वारा यौन उत्पीड़न और उनके अस्वीकार्य बर्ताव के अपने अनुभवों को साझा किया है। यह आरोप उस वक्त के हैं, जब अकबर विभिन्न समाचार पत्रों में संपादक के पद पर थे। पार्टी ने कहा कि यह गंभीर आरोप हैं, अकबर का बतौर मंत्री केंद्र सरकार में बने रहना अस्वीकार्य है। उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। फिलहाल नाइजीरिया के आधिकारिक दौरे पर गए अकबर से कथित रूप से अपने दौरे की अवधि को घटाने को कहा गया है।

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