इस बहुदलीय महागठबंधन में राजद के अलावा कांग्रेस, वामदल, एनसीपी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और शरद यादव वाली लोकतांत्रिक जनता दल शामिल हैं।
पटना। बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर जहां भाजपा और जदयू में खींचतान जारी है। वहीं भाजपा नीत राजग को शिकस्त देने के लिए राज्य में एक और महागठबंधन शक्ल लेता जा रहा है। बिहार में बहुदलीय महागठबंधन पर काम कर रही विपक्षी पार्टियां बहुत जल्द नई घोषणा कर सकती हैं। इस बहुदलीय महागठबंधन में राजद के अलावा कांग्रेस, वामदल, एनसीपी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और शरद यादव वाली लोकतांत्रिक जनता दल शामिल हैं। यहां बड़ी खबर यह है कि इन सभी पार्टियों ने आपस में 40 लोकसभा सीटों का भी बंटवारा कर लिया है।
महागठबंधन में शामिल होने की घोषणा
सूत्रों के अनुसार इन सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक बैठक में सीट शेयरिंग को लेकर पार्टियों के जनाधार पर बातचीत की है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रवक्ता दानिश रिजवान के अनुसार प्रमुख जीतनराम मांझी ने पिछले दिनों दिल्ली में सप्रंग अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने पटना में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। यही नहीं इन दोनों नेताओं की मुलाकात से पहले राजद नेता तेजस्वी यादव भी कई बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर चुके हैं। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) भी जल्द ही महागठबंधन में शामिल होने की घोषणा कर सकती है।
इस तर्ज पर होगा 40 लोकसभा सीटों का बंटवारा—
— राष्ट्रीय जनता दल को 20 सीटें
— काग्रेंस को 10 सीटें
— हिंदुस्तान आवाम मोर्चा को और आरएलएसपी को 4-4 सीटें
— एनसीपी व लेफ्ट पार्टियों को 1-1 सीट मिलेंगी।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार इस महागठबंधन में कांग्रेस अधिक सीटें पाना चाहती है। कांग्रेस नेताओं ने इसके पीछे बड़ा कारण 2015 के विधानसभा चुनावों के बाद से राज्य में पार्टी के जनाधार में हुआ इजाफा बताया गया है।