बागी विधायकों ने बिगाड़ा Kamalnath का खेल Jyotiraditya Scindia की नाराजगी पड़ सकती है भारी Congress के पास बहुमत 5 विधायक कम
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में सियासी संकट ( Policitcal Crisis ) पहले से ज्यादा गहरा गया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ( CM KamalNath ) के दावों के बावजूद अगर इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायकों की घर वापसी शीघ्र नहीं हुई तो कमलनाथ सरकार सत्ता से बेदखल भी हो सकती है। ऐसा इसलिए कि बीजेपी ( BJP ) के सभी विधायक मानेसर स्थित आईटीसी भारत पहुंच गए हैं। सियासी माहौल तो इतना खराब है कि कांग्रेस ( Congress ) को अपने विधायकों को भी जयपुर शिफ्ट करना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं कांग्रेस के बागी विधायक भी सीएम व कांग्रेस के रणनीतिकारों के दावों के विपरीत उनकी पहुंच से दूर हैं। हालांकि कमलनाथ ने अपने बागी विधायकों व मंत्रियों से संपर्क में होने का दावा किया है लेकिन जो बातें छनकर सामने आ रही हैं उससे साफ है कि मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) में कांग्रेस सरकार खतरे में है। आइए हम आपको बताते हैं विधानसभा में क्या है सियासी समीकरण।
ये है विधानसभा में विधायकों का गणित
मध्य प्रदेश विधानसभा ( Madhya Pradesh Vidhansabha ) में विधायकों की कुल संख्या 230 है। इनमें दो विधायकों की असामयिक निधन की वजह से सीटें खाली है। कांग्रेस के 22 विधायक इस्तीफा दे चुके है। इतरह से विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 206 शेष है। इस नंबर को ही विधानसभा में मतदान के लिए अंतिम आंकड़ा माना जाता तो बहुमत के लिए कमलनाथ सरकार को 104 विधायकों की दरकार है। कांग्रेस के पास वतर्मान में पार्टी के 92, चार निर्दलीय और सपा-बसपा के तीन विधायकों को मिलाकर 99 विधायक हैं। यानि कांग्रेस के बहुमत हासिल करने के लिए जरूरी विधायकों से पांच कम विधायकों का समर्थन हासिल है।
BJP के पक्ष में है विधानसभा का समीकरण
मंगलवार को कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद से कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई है । ऐसा इसलिए कि अब उसके पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है। वर्तमान समीकरण के मुताबिक बीजेपी के पास 107 विधायक हैं जो बहुमत के लिए जरूरी से से तीन ज्यादा है। लेकिन बीजेपी के पक्ष में ये आंकड़े तभी तक सही हैं जब तक कांग्रेस के बागी विधायक अपने स्टैंड पर कायम रहेंगे।