
नई दिल्ली। राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) पर राजनीतिक कलह थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने 11 अगस्त को पश्चिम बंगाल जाने का ऐलान कर दिया है। हालांकि शाह को अबतक कोलकाता में रैली और सभा को इजाजत मिली है या नहीं यह साफ नहीं हो पाया है। शाह ने बुधवार को ऐलान करते हुए कहा कि मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता कि मुझे अनुमति मिलती है या नहीं। मैं निश्चित रूप से कोलकाता जाऊंगा। अगर राज्य सरकार मुझे गिरफ्तार करना चाहे तो कर सकती है।
दो लाख लोगों को संबोधित करेंगे शाह
शाह के बंगाल दौरे पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा पहले से तय था। बता दें कि 11 अगस्त को कोलकाता में बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ता शाह की रैली का आयोजन कर रहे हैं। युवा मोर्चा ने दावा किया है कि इस सभा में दो लाख से अधिक लोक बीजेपी अध्यक्ष को सुनने आएंगे। इससे पहले शाह तीन अगस्त को बंगाल जाने वाले थे।
ममता ने गृहयुद्ध से कर दी एनआरसी की तुलना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुलकर एनआरसी का विरोध कर रही हैं। ममता ने दी गृहयुद्ध की चेतावनी दिल्ली पहुंची ममता बनर्जी ने मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर कई हमले किए और इस पर न्यायपालिका में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एनआरसी में वैध दस्तावेजों के साथ लोगों के नाम को शामिल नहीं किया गया और यह कार्य राजनीतिक मकसद से किया जा रहा है, जिसका विरोध किया जाएगा। ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर लोगों को बांटने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। ममता ने कहा कि स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इससे देश में रक्तपात, गृहयुद्ध होगा।
शाह बोले- देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा विपक्ष
मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ने राज्यसभा में कहा कि कांग्रेस, टीएमसी सहित सभी विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वो लोग घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं। उनकी मंशा घुसपैठियों को बाहर भेजने की नही हैं। विपक्षी दलों का यह रवैया देशहित में नहीं है। असम में इन घुसपैठियों के खिलाफ 1980 से आंदोलन जारी है। 1986-87 में राजीव गांधी ने एक समझौता किया था। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने उसके बाद से इस पर अमल नहीं किया। जिस काम को पिछली सरकारें इतने सालों में नहीं कर पाई तो हमने कर दिखाया। राज्यसभा के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ने शाह ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर पार्टी के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है जबकि विपक्ष इस मामले पर वोट बैंक की राजनीति कर रहा है। शाह ने कहा कि देश और इसके लोगों की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने अन्य पार्टियों से बांग्लादेशी घुसपैठियों पर अपना रुख साफ करने को कहा। हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।