राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा बढ़ाए जाने की तैयारी की जा रही है।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा बढ़ाए जाने की तैयारी की जा रही है। वहीं, 2019 लोकसभा चुनाव से पहले संघ प्रमुख के जान के खतरे को लेकर आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी में हड़कंप मच गया है। इसको लेकर केंद्रीय और स्टेट एजेंसियों द्वारा एक सुरक्षा ऑडिट किया गया। इसके बाद एजेंसियों ने संघ प्रमुख भागवत की सुरक्षा में एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो में अपग्रेड करने की सिफारिश की है। आपको बता दें कि मोहन भागवत को फिलवक्त जेड-प्लस सिक्योरिटी मिली हुई है।
जेड-प्लस सिक्योरिटी तीसरी उच्चतम सुरक्षा
सुरक्षा के लिहाज से देखें तो एसपीजी और एनएसजी के बाद जेड-प्लस सिक्योरिटी तीसरी उच्चतम सुरक्षा मानी जाती है। वर्तमान में सीआईएसएफ के 60 कंमाडो भागवत की सुरक्षा में तैनात रहे हैं। वहीं, साउथ ब्लॉक के अधिकारियों ने खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट का मूल्यांकन कर भागवत की सुरक्षा बढ़ाने की बात कही है। जानकारी के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हाल के चुनावों के दौरान भागवत की सुरक्षा का उल्लंघन की खबरे सामने आईं थी। सूत्रों के अनुसार संघ प्रमुख की सुरक्षा का यह आकलन भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन जैसे कथित साजिश के आधार पर किया गया है।
आरएसएस नेता रविंदर गोसाई पर गोलियां बरसाकर हत्या
आपको बता दें कि पिछले साल पंजाब में कांग्रेस सरकार ने राज्य में संघ नेताओं की हत्याओं के लिए पाकिस्तान के आईएसआई द्वारा एक कथित षड़यंत्र का भांडाफोड़ किया था। इसके साथ ही 2017 में लुधियाना में दो अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने एक संघ के आरएसएस नेता रविंदर गोसाई पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी।