राहुल गांधी राजनीति के बेसिक्‍स को समय रहते सीख लें, नहीं तो हमेशा नाकामी हाथ लगेगी।
नई दिल्ली। अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नेक सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कुछ बड़े बुजुर्गों के तजुर्बे से भी सीख लेने की कोशिश करें। हमारे बुजुर्ग हमेशा से कहते आए है कि दुश्मन के घर में घुसकर नहीं बल्कि घर से बाहर निकालकर लड़ाई लड़ना चाहिए। राहुल गांधी को इस बात को समय रहते सीख लें, नहीं तो उन्हें हमेशा नाकामी ही हाथ लगेगी।
समय रहते सीख लें राजनीति की एबीसीडी...
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुसलमीन प्रमुख ओवैसी ने कहा कि अगर आप दुश्मन के घर में घुसकर लड़ेंगे तो वो आपका आसानी से हरा देगा। इतना ही नहीं ऐसा करने कसे बोनस में फजीहत भी झेलनी पड़ती है। कांग्रेस अध्यक्ष को पीएम मोदी की तरह नहीं बनना चाहिए। यह बेसिक चीज है। सब जानते हैं। उन्हें भी जान लेना चाहिए। राजनीति में जीत हासिल करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। इसके लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है।
सर्कस समझने की भूल न करें
उन्होंने कहा कि मुझे हर मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों तरफ से आलोचनाओं को शिकार होना पड़ता है। ओवैसी ने कर्नाटक का चुनाव जेडीएस के खिलाफ लड़ने और उसके बाद उसका साथ देने की घटना को भी हास्यास्पद करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव को सर्कस जैसा बना दिया। कांग्रेस के लोग हारने के बावजूद खुशी मना रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने जेडीएस को क्या-क्या नहीं कहा, मुझे क्या कहा, 24 घंटे में मेरी नफरत को कैसे मोहब्ब्त में बदल देते।
प्रणब को इफ्तार पार्टी में बुलाने पर जताया एतराज
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रबण मुखर्जी ने नागपुर जाकर हेडगवार की तारीफ की। मुसलमानों को इनवेडर कहा। इफ्तार की दावत में कांग्रेस मुखर्जी को भी बुलाते हैं। आप देश की जनता को कैसे भरोसा में लेंगे कि आप सेक्युलर हैं। देश को क्या संदेश दे रहे हैं? ओवैसी ने कहा कि कर्नाटक में यह पार्टी 110 से 78 पर आ गई। ये कभी अपने गिरेबान में नहीं झांकते। जीते तो इनके नेता जीतते हैं और हारे तो कहते हैं कि मुसलमानों ने वोट नहीं डाला।