प्रकाश जावड़ेकर ( Prakash Javadekar ) ने दी पीएम मोदी ( pm modi ) की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ( cabinet meeting ) की बैठक की जानकारी। को-ऑपरेटिव ( co-operative banks ) समेत सरकारी बैंक करेंगी रिजर्व बैंक ( reserve bank of india ) के सुपरविजन में काम। कुशीनगर को इंटरनेशनल एयरपोर्ट ( airport in kushinagar ) का दर्जा, ओबीसी आयोग को छह माह का वक्त।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( pm modi ) की अगुवाई में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ( cabinet meeting ) का आयोजन किया गया। कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ( Prakash Javadekar ) ने बताया कि बुधवार को अंतरिक्ष विज्ञान ( space science ) से लेकर बैकों को में व्यापक सुधार के अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि अब अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक ( co-operative banks ) या मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक समेत सरकारी बैंक, रिजर्व बैंक ( reserve bank of india ) की निगरानी में आ जाएंगे।
को-ऑपरेटिव बैंकों को लेकर कैबिनेट के फैसले के बारे में जावड़ेकर ने बताया कि अब 1482 शहरी को-ऑपरेटिव बैंकों और 58 बहु-राज्य को-ऑपरेटिव बैंकों समेत सरकारी बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) की निगरानी में लाया जा रहा है। जिस तरह से रिजर्व बैंक की शक्तियां अनुसूचित बैंकों पर लागू होती हैं, ठीक वैसे ही ये को-ऑपरेटिव बैंकों पर भी लागू होंगी।
उन्होंने बताया कि 1,540 को-ऑपरेटिव बैंकों को रिजर्व बैंक की निगरानी में लाने से इनके खाताधारकों को बड़ा फायदा पहुंचेगा। इन बैंकों के 8.6 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को इस बात की तसल्ली मिलेगी कि इनमें जमा 4.84 लाख करोड़ रुपये सुरक्षित रहेगा।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। इसमें अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बहुत बड़े सुधार का फैसला लिया गया है। अब तक अंतरिक्ष में हमने अच्छा विकास किया है। अब इसे एक तरह से सभी के इस्तेमाल के लिए खोला जा रहे है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर एयरपोर्ट ( airport in kushinagar ) को अब अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट घोषित किया जा रहा है।
वहीं, कैबिनेट ने अन्य पिछड़ा वर्ग ( OBC ) के भीतर उप-वर्गीकरण के मुद्दे की जांच के लिए गठित आयोग का कार्यकाल बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। अब यह आयोग छह महीने आगे तक यानी 31 जनवरी 2021 तक अपना कार्य पूरा कर सकेगा। ओबीसी आयोग अब इस बात का भी ध्यान रखेगा कि शब्दों में गलती (स्पेलिंग मिस्टेक) के चलते किसी जाति के लोगों को आरक्षण के लाभ से वंचित न होना पड़े। अब आयोग इसकी रिपोर्ट आगामी जनवरी 2021 तक सौंप सकता है। कमीशन नए सिरे से राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं लेकिन कोविड के कारण इन्हें रिपोर्ट सौंपने में देरी हुई।
इसके अलावा पशुधन विकास के लिए कैबिनेट मीटिंग में 15, 000 करोड़ रुपये के प्रावधान की भी घोषणा की गई। इस फैसले से दुग्ध उत्पादन बढ़ने के साथ ही लाखों लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
कैबिनट के प्रमुख फैसलेः