ऐप आम जनता को अपने विधायकों एवं सांसदों को रेटिंग देने का मौका प्रदान करेगा, इसके माध्यम से देश के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में किसी भी समय मतदाताओं की संवेदनाओं को आंका जा सकता है।
नई दिल्ली। चुनाव जीतने के बाद क्षेत्रवासियों की अनदेखी करने वाले नेताओं की अब जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी तरह के पहले 'नेता ऐप' को लॉन्च किया है। इस एप के माध्यम से मतदाता जनप्रतिनिधियों की रेटिंग कर सकेंगे। इस एप का सबसे बड़ा फायदा यहा होगा कि इससे पता चलेगा कि मतदाता अपने प्रतिनिधि को कैसा फीडबैक कर रहे हैं।
नेता ऐप नए नेताओं को अपनी लोकप्रियता प्रदर्शित करने तथा राजनैतिक दलों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का मौका भी देगा। ऐप मौजूदा पार्टी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने में सक्षम बनाएग। क्योंकि वे उम्मीदवार जो चुनाव लड़ना चाहते हैं, अपने निर्वाचन क्षेत्र से 1000 वोट जुटा कर ऐप के साथ जुड़ सकते हैं। अगर मतदाताओं के साथ उनका कनेक्शन अच्छा है और उन्हें अच्छा वोट शेयर मिल रहा है, तो संभव है कि राजनैतिक दल उन्हें टिकट के लिए संपर्क करें, क्योंकि वे ऐप पर आम जनता की राय देख सकते हैं। लॉन्च के मौके पर प्रणब मुखर्जी ने कहा, "मैं नेता ऐप से जुड़ी टीम को बधाई देता हूं, उनका ऐप मतदाताओं को जरूरी जानकारी देता है, पारदर्शी रेटिंग प्रणाली के माध्यम से राजनेताओं का परफोर्मेन्स आंकता है और पार्टी को अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवार चुनने मंे मदद करता है। मेरे लिए यह प्लेटफॉर्म एक अनूठी पहल है जो लोकतंत्र को नई उंचाईयों पर लेकर जाएगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नेता ऐप लोगों को अपने प्रतिनिधियों के साथ जुड़ने तथा उनके काम पर अपनी प्रतिक्रिया देने का अवसर प्रदान करेगा। पिछले आठ महीनों में देश के सभी 543 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों और 4120 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 1.5 करोड़ से ज्यादा मतदाता पहले से अपने स्थानीय नेताओं को रेटिंग दे चुके हैं, उनकी समीक्षा कर चुके हैं। एंड्रोइड, आईओएस और वेब के लिए उपलब्ध यह ऐप 16 भाषाओं में मौजूद है।