Punjab Assembly Election 2022 पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले ही राजनीतिक दलों के बीच घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं के बीजेपी में शामिल होने की वजह से कांग्रेस खेमे में हलचल बढ़ गई है। यही वजह है कि पार्टी ने गुरुवार को 40 उम्मीदवारों को नाम तय कर लिए हैं। हालांकि पार्टी में गुटबाजी और नेताओं की अनदेखी के चलते आगे खींचतान देखने को मिल सकती है।
नई दिल्ली। पंजाब में विधानसभा चुनाव ( Punjab Assembly Election 2022 )से पहले ही राजनीतिक दलों के बीच हलचल तेज हो गई है। खास तौर पर सत्ताधारी दल कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच उठा-पटक भी शुरू हो गई है। नेताओं के दल बदल का दौर भी जारी है। बीजेपी लगातार कांग्रेस के नेताओं को अपने पाले में शामिल करने में जुटी है। यही वजह है कि कांग्रेस घबराई हुई है। इस घबराहट में कांग्रेस ने गुरुवार को पार्टी के 40 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। दरअसल कांग्रेस में अब तक जो भी नेता पार्टी छोड़ रहे हैं वो अनदेखी और गुटबाजी को बड़ी वजह बता रहे हैं।
पंजाब में पार्टी नेताओं के दल बदलने से कांग्रेस काफी परेशान है। खास तौर पर बीजेपी में इनके शामिल होने की वजह से कांग्रेस के लिए खतरा और बढ़ रहा है। ऐसे में कांग्रेस ने गुरुवार को चुनाव से ठीक पहले 40 उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल इलेक्शन कमिटी की ओर से नामों पर सहमति के बाद लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
यह भी पढ़ेँः Karnataka: सेल्फी लेने वाले शख्स पर भड़के कांग्रेस नेता का वीडियो आया सामने, जानिए फिर क्या दी सफाई
कांग्रेस के साथ-साथ गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने भी 8 उम्मीदवारों की छठी सूची जारी कर दी है। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के कुल 96 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा हो चुकी है।
इसलिए आनन-फानन में कांग्रेस ने उठाया कदम
कांग्रेस के अचानक 40 प्रत्याशियों के नाम तय करने के पीछे बड़ी वजह है। दरअसल दो दिन पहले, कांग्रेस को तब झटका लगा था जब पार्टी के दो विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। उनमें से एक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद प्रताप सिंह बाजवा के छोटे भाई फतेह जंग सिंह बाजवा हैं।
चुनाव से पहले, पार्टी में इस भगदड़ को रोकने की कोशिश को तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस ने 117 में से 40 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए हैं और इन नामों पर स्क्रीनिंग कमेटी की सहमति मिल गई है।
यह भी पढ़ेँः Uttarakhand Assembly Election 2022: हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग के भेजा नोटिस, कोरोना के चलते चुनाव टालने की मांग
दरअसल कांग्रेस में अब भी गुटबाजी काफी परेशानी बढ़ा रही है। अमरिंदर सिंह के बाद नवजोत सिंह सिद्धू की टक्कर अब सीएम चन्नी के साथ भी चल रही है। यही वजह है कि कांग्रेस नेताओं में गुटबाजी के चलते टिकटों को लेकर भी खींचतान और भी बढ़ सकती है।
चुनाव के ठीक पहले, विधायकों के भाजपा के खेमे में जाने से पार्टी चिंतित है और इसी मुद्दे पर अजय माकन की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमिटी की दिल्ली में बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी मौजूद थे। साथ ही, इस बैठक में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे।