पुलवामा हमले पर बयान से मुश्किल में सिद्धू सीएम अमरिंदर सिंह ने मांगा स्पष्टीकरण कहा-पुलवामा पर अपना रुख तय करें सिद्धू
नई दिल्ली। पुलवामा आतंकी हमले पर बयानबाजी को लेकर चर्चा में आए पंजाब के कैबिनेट मंत्री और पूर्व क्रिकेटर मुश्किलों में आ सकते हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी आवाज उठाने का हक है, लेकिन यह सिद्धू पर है कि वह इस पर अपना रुख साफ करें। सीएम ने कहा कि सिद्धू रक्षा विभाग की पेचीदगियां को नहीं समझते हैं और शायद उन्होंने अपनी दोस्ताना मंशा से यह प्रतिक्रिया दी होगी। उन्होंने कहा कि सिद्धू का आशय बिल्कुल भी राष्ट्रविरोधी नहीं था।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल को आड़े हाथों लेते हुए उस पर सियासी फायदा उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए ही अकाली दल ने सोमवार को पंजाब विधानसभा में हंगामा किया। कैप्टन ने आगे कहा कि बजट पेश करना एक महत्वपूर्ण कार्यवाही है जिसका प्रदेश की जनता हर साल बेसब्री से इंतजार करती है। उन्होंने कहा कि ऐसा असंवैधानिक व्यवहार एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी के लिए न सिर्फ अशोभनीय है बल्कि इससे उनकी जन-विरोधी मानसिकता भी झलकती है। उन्हें ना तो सदन की परंपरा का खयाल है और ना ही जनता की भलाई की चिंता।
आपको बता दें कि पाक पीएम इमरान खान के साथ अपनी दोस्ती को लेकर मशहूर सिद्धू ने 15 फरवरी को मीडिया के सामने कहा था कि जहां कहीं भी युद्ध होता है और पुलवामा जैसी घटनाएं होती हैं, वहां बातचीत का सिलसिला भी जारी रहता है। पूर्व क्रिकेटर ने यह भी था कि समस्या के स्थाई समाधान की जरूरत है। जबकि आतंकियों का कोई धर्म, देश और जाति नहीं होती। जब कोई सांप काटता है तो उसकी काट भी सांप का जहर होता है। सिद्धू ने भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत करने की अपनी दलील को सही भी ठहराया था।