
नई दिल्ली। भारत चीन के बीच ( India China Tension ) गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प ( Galvan Valley Violence ) में शहीद हुए देश के 20 जवानों ( India 20 Soldier Martyred )की शहादत के बाद देश में सियासी पारा भी चढ़ गया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) के बाद अब पंजाब ( Punjab ) के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ( CM Amrinder Singh ) ने भी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर सवाल उठाए हैं।
पंजाब सीएम अमरिंरद सिंह ने सवालिया लहजे में कहा है कि आखिर भारतीय जवानों को गोली चलाने के आदेश क्यों नहीं दिए गए। उन्होने पूछा है कि जब कर्नल संतोष बाबू पर हमला हुआ तो बाकी के जवानों ने गोलियां क्यों नहीं चलाईं?
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि चीनी सैनिकों की ओर से की गई धोखेबाजी के बाद जब कर्नल संतोष बाबू पर हमला किया गया तो भारतीय जवानों ने गोलियां क्यों नहीं चलाईं।
तय हो जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि कोई अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा है और हमें यह ढूंढने की जरूरत है कि वह कौन था। पंजाब सीएम ने इस घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
कैप्टन ने कहा, देश उपयुक्त जवाब की उम्मीद कर रहा है। सरहद पर हमारे सैनिकों को स्पष्ट रूप से कहा जाए कि यदि वे हमारा एक जवान मारते हैं तो आप उनके तीन मारो।
सीएम ने कहा कि वह एक राजनेता के तौर पर नहीं बोल रहे हैं बल्कि वह ऐसे व्यक्ति के रूप में यह सब कह रहे हैं जो सेना का हिस्सा रह चुका है। उन्होंने कहा अब चीन के साथ भाई-भाई वाले रिश्ते खत्म हो चुके हैं। 1962 वाली स्थिति नहीं है. हमारी सेना अब बहुत मजबूत हो चुकी और हर मोर्चे पर जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है।
दो बार बदले गए बयान
पंजाब सीएम अमरिंदर ने कहा है कि गलवान घाटी की घटना पर भारतीय विदेश मंत्रालय का रुख भी 48 घंटे में बदल गया। पहले बताया गया था कि हमारे सैनिक निहत्थे थे, लेकिन जैसे ही उन पर सवाल उठने तो बयान बदल गया और फिर बाद में कहा गया कि वो हथियार लेकर गए थे। उन्होंने कहा कि अगर हथियार साथ थे तो फिर गोलियां क्यों नहीं चलाई गईं?