भगवंत मान ने कहा कि गुरबानी के संदेश को दुनिया के कोने-कोने में प्रचारित करना समय की मांग है। इस तरह उन्होंने एसजीपीसी से विभिन्न प्लेटफॉर्म पर गुरबानी कीर्तन प्रसारित करने की अपील की।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ( SGPC) से अपील की कि राज्य सरकार को स्वर्ण मंदिर से गुरबानी का सीधा प्रसारण करने की अनुमति दें। इसके साथ ही भगवंत मान ने कहा कि स्वर्ण मंदिर को आधुनिक तकनीक से लैस करने की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। पंजाब सरकार इसका पूरा खर्च उठाएगी। भगवंत मान की इस अपील के बाद अब वो आलोचनाओं से घिर गए हैं।
भगवंत मान की इस अपील को बादल परिवार से जुड़े पीटीसी टेलीविजन चैनल के एकाधिकार को खत्म करने की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। अभी तक केवल PTC को स्वर्ण मंदिर से गुरबानी का सीधा प्रसारण करने की अनुमति है। मान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सरकार को धार्मिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति और धर्म के मामले अलग-अलग हैं। उन्होंने आगे कहा कि SGPC सिख पंथ का एक निर्वाचित प्रतिनिधि निकाय है जो ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों के प्रबंधन के साथ-साथ सिख धर्म के उत्थान और प्रसार के लिए लगातार काम कर रहा है।
दरअसल, कुछ दिनों पहले, अकाल तख्त ने एसजीपीसी को दुनिया भर में गुरबानी के लाइव प्रसारण के लिए अपना खुद का चैनल शुरू करने का निर्देश दिया था। SGPC ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उसे एक चैनल स्थापित करने के लिए कम से कम 200 करोड़ रुपये की जरूरत है।
इसके बाद एक वीडियो भगवंत मान ने पंजाब सरकार को 'सरबत दा भला' (सभी के कल्याण) के सार्वभौमिक संदेश को फैलाने के उद्देश्य से 'सरब सांजी गुरबानी' को दुनिया भर में प्रसारित करने में मदद करने का वादा किया। उन्होंने कहा, "हम इस ओर से एसजीपीसी द्वारा सौंपे गए किसी भी कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए तैयार हैं।"
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