रामविलास पासवान ने इसका फैसला अपनी पार्टी पर छोड़ दिया है कि अगले चुनाव में कौन हाजीपुर से उम्मीदवार होगा
पटना। आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर सभी सियासी पार्टियां रणनीतियां बनाने में जुटी हुईं हैं। इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को लेकर खबर आई है कि वह लोकसभा चुनाव हाजीपुर संसदीय क्षेत्र से नहीं लड़ेंगे। बिहार के राजनीतिक गलियारे में चल रही कयासबाजी को खत्म करते हुए पासवान ने रविवार को कहा कि मैं इस बार लोकसभा चुनाव में हाजीपुर सीट से नहीं लड़ूंगा, लेकिन हाजीपुर के विकास के लिए काम करता रहूंगा।" ऐसा माना जाता है कि हाजीपुर में पिछले तीन दशक से पासवान की मजबूत पकड़ है। उन्होंने 1977 में 4.24 लाख वोट से चुनाव जीतकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया था। पासवान ने इसका फैसला अपनी पार्टी पर छोड़ दिया है कि अगले चुनाव में कौन हाजीपुर से उम्मीदवार होगा। उन्होंने कहा, "इस समय मैं कुछ नहीं बता सकता। पार्टी इसके बारे में फैसला लेगी।" पार्टी के नेताओं ने बताया कि पासवान का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने हाजीपुर से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है, हालांकि उन्होंने कहा कि वह राज्यसभा के सदस्य बन सकते हैं। बता दें कि लोजपा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाईवाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल है।
6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी लोजपा
आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बन चुकी है। बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटों में से भाजपा और जद (यू) 17-17 तथा लोजपा छह सीटों पर चुनाव लड़ेगी। रामविलास पासवान को राज्यसभा भेजा जाएगा।