आरक्षण को लेकर देशभर में पहले से विरोध का माहौल है। अब मॉनसून सत्र में केंद्र सरकार इस दिशा में एक कदम और बढ़ाने की तैयारी में है।
नागपुर। आरक्षण को लेकर पहले ही देशभर में बवाल चल रहा है इसी बीच मोदी सरकार ने इस मामले में एक और कदम बढ़ाने के संकेत दिए हैं। अब प्रमोशन में आरक्षण लागू करने की तैयारी चल रही है। संसद के आगामी मॉनसून सत्र में केंद्र सरकार इसका रास्ता तैयार कर सकती है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने नागपुर में हुए एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए इसके संकेत दिए।
'विधेयक पेश के लिए चल रहा काम'
नागपुर में रवि भवन परिसर में आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार इस मॉनसून सत्र में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों के लिए नौकरियों में प्रमोशन में आरक्षण लागू करने का रास्ता तैयार करेगी। उन्होंने कहा, ‘हम जुलाई-अगस्त में संसद के मॉनसून सत्र में अनुसूचित जाति-जनजाति के कर्मचारियों के लिए नौकरियों में प्रमोशन में आरक्षण के लिए एक विधेयक पेश करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा कर ली गई है। इस संबंध में एक विधेयक लाने का प्रयास किया जाएगा।’ फिलहाल अनुसूचित जाति-जनजाति के कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण नहीं दिया जा रहा है।
'क्रीमी लेयर का फॉर्मूला एससी-एसटी के लिए नहीं'
बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि एससी-एसटी के लिए क्रीमी लेयर की अवधारणा लागू नहीं होती है। जनहित याचिका में कहा गया था कि इन वर्गों के लिए तय आरक्षण में समाज का प्रभावी तबका करीब 95 फीसदी लाभ उठा लेता है, जिसके चलते असली जरूरतमंदों तक इसका फायदा नहीं पहुंच पाता है। लेकिन केंद्र सराकर की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनल पीए नरसिम्हा ने दलील दी ये पूरे समुदाय ही पिछड़े हैं, ऐसे में उन पर क्रीमी लेयर का सिद्धांत लागू ही नहीं होता।