14 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुर्जर आरक्षण : दस घंटे की वार्ता के बाद 16 मांगों पर सहमति, गुर्जर आंदोलन स्थगित

राज्य सरकार और गुर्जर समाज के बीच शनिवार को करीब दस घंटे के दौरान दो दौर की वार्ता के बाद 16 मांगों पर सहमति बनी।

2 min read
Google source verification
news

gurjar aarakshan 2018 latest news update

शादाब अहमद/जयपुर। राज्य सरकार और गुर्जर समाज के बीच शनिवार को करीब दस घंटे के दौरान दो दौर की वार्ता के बाद 16 मांगों पर सहमति बनी। इसमें सरकार ने गुर्जर समाज की प्रत्येक मांग को निश्चित समय सीमा में पूरा करने का भरोसा दिया।

साथ ही रोहिणी कमेटी की रिपोर्ट का अध्ययन कर इस पर निर्णय करने की मंशा जताई। इसके बाद गुर्जर समाज ने 23 मई से प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है।

वार्ता के बाद मंत्रिमंडलीय उप समिति में शामिल पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ और गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिजित के कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को समझौते की जानकारी दी।

मंत्री राठौड़ ने साफ तौर पर कहा कि सरकार गुर्जर समाज की मांगों को लेकर गंभीर है। सरकार ने समाज की हर मांग पर समय सीमा तय की है। इसके तहत सरकार हर मांग पर निश्चित समय सीमा में आदेश जारी करेगी।

वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के वर्गीकरण के लिए केन्द्र सरकार ने रोहिणी कमीशन बना रखा है। राजस्थान अन्य पिछड़ा आयोग की ओर से 4 जून को इस कमीशन के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश करेगा। रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट आने पर सरकार इसका अध्ययन कर निर्णय करेगी।

गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने कहा कि सरकार के साथ अच्छे माहौल में वार्ता हुई है। हमर मांग पर चर्चा हुई है और हमें खुशी है कि हमें सही समय पर हमारा हक मिल गया है। सरकार ने कई अन्य अच्छी सुविधाएं दी है। अब आंदोलन स्थगित हो गया है। 23 मई को अब सिर्फ श्रद्धांजलि सभा होगी।

गौरतलब है कि गुर्जर आरक्षण आंदोलन को लेकर हाल ही 15 मई को गुर्जर समाज ने अड‌्डा गांव में महापंचायत बुलाई थी। इसके बाद सरकार ने महापंचायत से पहले गुर्जर समाज के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया था।

इस पर महापंचायत से पहले गुर्जर समाज के प्रतिनिधिमंडल की 14 मई को जयपुर में सचिवालय में राज्य सरकार के चार मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता का लंबा दौर चला था। इस वार्ता में गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला शामिल नहीं हुए थे।