टीकाकरण के बाद दो मासूमों की मौत का मामला, वैक्सीन और ड्राप के नमूने हिमाचल प्रदेश भेजे गए
सतना. जैतवारा के कोनैता गांव में टीकाकरण के बाद दो मासूमों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। संयुक्त निदेशक राज्य टीकाकरण नोडल अधिकारी ने मासूमों की मौत पर सीएमएचओ सहित अन्य अधिकारियों से जवाब तलब किया है। जिस आंगनबाड़ी केंद्र में मासूमों को टीका लगाया गया था, उसके सभी दस्तावेज तलब किए हैं।
11 जनवरी को जैतवारा के आंगनबाड़ी केंद्र कोनौता में एएनएम लक्ष्मी रावत ने 8 मासूमों को पेंटावेलेंट, पीसीवी टीका लगाकर पोलियो और रोटावायरस का ड्रॉप पिलाया था। टीका लगने के बाद से बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। दो मासूम अरुण कुशवाहा पिता हरिलाल कुशवाहा और अंतिमा डोहर पिता रिंकू डोहर ने 13 जनवरी को तड़के दम तोड़ दिया था।6 मासूम गंभीर रूप से बीमार हो गए थे।
दो मासूमों को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। मासूमों की मौत के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मच गया था। डब्ल्यूएचओ की टीम की मौजूदगी में वैक्सीन के बॉयल सहित ड्राप जब्त किए गए थे। अब संयुक्त निदेशक, राज्य टीकाकरण नोडल अधिकारी ने सीएमएचओ डॉ अशोक कुमार अवधिया सहित अन्य जिम्मेदारों से कार्रवाई की पूरी जानकारी तलब की है।
जांच के लिए भेजे गए सैम्पल
औषधि निरीक्षक प्रियंका चौबे की मौजूदगी में पेंटावेलेंट और पीसीवी वैक्सीन के 40-40 बॉयल और पोलियो व रोटा वायरस के 60-60 नमूने जांच के लिए हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित प्रयोगशाला भेजे गए। बता दें कि सीएमएचओ द्वारा बुलाई गई एईएफआई कमेटी ने यह निर्णय लिया था कि वैक्सीन और ड्राप के ४०-६० सैंपल जांच के लिए भेजे जाएं।