
नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा गरम है। इस मसले को लेकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नया नारा दिया है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर राम मंदिर निर्माण की मांग पार्टी की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि पार्टी अब राम मंदिर निर्माण के लिए और समय का इंतजार नहीं करेगी। ये बात उन्होंने 24 और 25 नवंबर के अयोध्या दौरे की तैयारियों का जायजा पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लेने के बाद मीडिया से कही। राम मंदिर को लेकर पार्टी की बैठक के बाद ठाकरे ने कहा कि अब हर हिंदू की यही पुकार, पहले मंदिर फिर सरकार। आगामी दिनों में हमारी पार्टी इसी बात पर अमल करेगी।
अध्यादेश लाकर बाधाओं को दूर करे सरकार
दूसरी तरफ शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने भाजपा पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उद्धव ठाकने ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक अध्यादेश लाने में देरी से यह संकेत मिलता है कि केंद्र और उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा इसे लेकर इच्छुक नहीं है। जबकि हमारी पार्टी राम मंदिर के निर्माण के लिए एक अध्यादेश लाने पर जोर दे रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्टी के सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर राजग सरकार तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने के लिए अध्यादेश ला सकती है, तो फिर देश के लिए गौरव का विषय राम मंदिर के निर्माण की बाधाओं को हटाने के लिए यह रास्ता क्यों नहीं अपनाती।
मंदिर का राजनीति नहीं की
शिवसेना ने कहा है कि 2014 में भाजपा को सत्ता में आने में मदद करने वाले संघ को मंदिर के निर्माण के लिए अध्यादेश लाने में विफल रहने को लेकर राजग सरकार को हटा देना चाहिए। राउत का बयान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की अयोध्या की 25 नवंबर की प्रस्तावित यात्रा के मद्देनजर आया है। उनकी इस यात्रा के दौरान पार्टी इस मुद्दे पर अपने अगले कदम का खुलासा कर सकती है। राउत ने कहा कि हमने चुनावों के लिए कभी राम मंदिर के मुद्दे का इस्तेमाल नहीं किया लेकिन जो लोग ऐसा करना चाहते हैं उनके बारे में हमें लगता है कि वे राम मंदिर नहीं चाहते हैं।
24 नवंबर को महाआरती
आपको बता दें कि शिवसेना समय-समय पर भारतीय जनता पार्टी पर राम मंदिर निर्माण को लेकर पीएम मोदी सरकार पर दबाव बनाती रही है। इसके साथ ही वह इस मसले पर मोदी सरकार पर निशाना भी साधती रहती है। ठाकरे ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से 24 नवंबर को पूरे राज्य में महाआरती का आयोजन करने लिए भी कहा है। वह 24 नवंबर को अयोध्या में सरयू पूजा का भी आयोजन करेंगे।