मुख्यमंत्री जगन रेड्डी ने की जगन्नाथ विद्या कनुका योजना की शुरुआत। कक्षा 1-10 के बच्चों को ड्रेस-जूते-किताबें-बैग आदि वाली मुफ्त स्कूल किट। प्रदेश ( Andhra Pradesh ) भर के सरकारी स्कूलों के 42 लाख से ज्यादा बच्चों को फायदा।
अमरावती। आंध्र प्रदेश ( Andhra Pradesh ) के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को राज्य के स्कूली बच्चों के लिए कृष्णा जिले के पुनाडीपाडु गांव में एक और कल्याणकारी योजना जगन्नाथ विद्या कनुका का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्रों की मदद करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक छात्र को एक मुफ्त स्कूल किट दी जाएगी। इस किट में तीन जोड़ी यूनिफ़ॉर्म, एक जोड़ी जूते, दो जोड़ी मोज़े, निर्धारित पाठ्य पुस्तकें, नोटबुक, बेल्ट और एक स्कूल बैग होंगे, जिनका कोई दाम नहीं चुकाना होगा।
इस योजना के अंतर्गत कुल मिलाकर 42 लाख 34 हजार 322 स्कूल किट वितरित की जाएंगी। प्रत्येक किट की लागत 1600 रुपये आएगी। इस योजना की अनुमानित लागत 650 करोड़ रुपये है और इस किट को राज्य भर में सरकारी स्कूलों के बच्चों को वितरित किया जाएगा। इन किटों को कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों को प्रदान किया जाएगा।
इस योजना की लॉन्चिंग के दौरान मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि अतीत से अलग यह नई योजना छात्रों को उनके माता-पिता पर कोई बोझ डाले बिना सभी अनिवार्य जरूरतों को प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, "यह राज्य में शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करता है और सरकारी स्कूलों में नामांकन दर को मजबूत करेगा।"
राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (एनएसओ) द्वारा हाल ही में जारी साक्षरता के आंकड़ों ने राज्य की साक्षरता दर को देश में सबसे कम 66.4 प्रतिशत बताते हुए इसे शर्मनाक करार दिया।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि 'नाडु- नेडु' कार्यक्रम के माध्यम से सरकार ने अपने सभी स्कूलों में सुविधाओं का निर्माण या सुधार किया है। इमारतों को नए और बेहतर दिखने के लिए पेंट किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों में बच्चों को भेजने के लिए हर मां को “अम्मा वोडी” योजना के तहत नकद प्रोत्साहन के रूप में पहले ही प्रति वर्ष 15,000 रुपये का भुगतान कर रही है।
जगन रेड्डी ने कहा कि यह स्कूल किट अभिभावकों को राहत पहुंचाएंगी और उन्हें पैसे बचाने में मदद करेंगी, जिससे वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित होंगे और बच्चे अपनी शिक्षा जारी रख सकेंगे।