
नई दिल्ली। भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर से साफ कर दिया है कि भारतीय जनता पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में हिंदुत्व के मुद्दे पर ही चुनावी मैदान में उतरेगी। बेबाक जवाब देने वाले स्वामी का कहना है कि अर्थव्यवस्था नाजुक स्थिति में है। पार्टी को सिर्फ हिंदुत्व के मुद्दे से ही जीत मिलेगी।
'हिंदुत्व के एजेंडे से जीतेंगे लोकसभा चुनाव'
सुब्रमण्यम स्वामी ने आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा की जीत का दावा करते हुए कहा , "2019 में एनडीए की सरकार बनेगी"। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें कोई डर नहीं है। हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है हिंदुत्व के हमारे साथी। जो हिंदुत्व में विश्वास रखते हैं, और इलेक्शन इसी पर जीती जाएगी। बाकी चीजें गर्वनेंस-ववर्नेंस से कोई मतलब नहीं है।" स्वामी ने आगे मोदी सरकार की कलाई खोलते हुए बताया, " अर्थव्यवस्था नाजुक स्थिति में। फाइनेंस मिनिस्ट्री के सारे कदम फेल हो गए हैं"। साथ ही उन्होंने कहा कि परंतु हम अगर अच्छा भी करते तो जीत नहीं सकते।
क्यों लड़ेंगे हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव?
सुब्रमण्यम स्वामी ने विकास के ऊपर हिंदुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ने की तरजीह क्यों दी। इसके लिए उन्होंने उदाहरण भी दिया। स्वामी ने उदाहरण देते हुए कहा कि पीवी नरसिम्हा राव ने बहुत बढ़िया इकॉनोमी चलाई। परंतु हार गए। अटल बिहारी वाजपेयी ने इंडिया शाइनिंग कर दी। इलेक्शन छह महीने पहले करा लिए। यह सोचकर की हम तो इंडिया शाइनिंग में जीत जाएंगे। लेकिन उलटा हुआ।
स्वामी ने कहा कि अगर इकॉनमी ठीक है तो एक बल मिलता है। परंतु इकॉनमी ठीक नहीं है तब भी लोग देखते हैं समाज में या विदेश से खतरा है या संस्कृति में खतरा है। तो उसपर लोग ज्यादा महत्व देते हैं। वे भावुक हो जाते हैं। मैं सोचता हूं कि आज हिंदुत्व के आधार पर और भ्रष्टाचार में चार-पांच लोगों को जेल भेज दें तो फिर मैं समझता हूं कि हमारी मेजोरिटी ज्यादा होगी।