
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में सड़कों पर उतरे किसानों की समस्या सुनने के लिए किसी के सामने न आने पर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह ( Sukhbir Singh Badal ) ने निराशा जाहिर की है। उन्होंने इस घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि न तो पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह किसानों से इस मुद्दे पर बात करना चाहते हैं, और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। किसानों के समर्थन में सामने आए अकाली दल अध्यक्ष ने पीएम से इस मुद्दे पर बात करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को किसानों की समस्या को लेकर दिल्ली जाना चाहिए था। लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ नहीं किया। पीएम मोदी भी इस मुद्दे पर कुछ करने को तैयार नहीं हैं।
कृषक संगठनों से हो बात
उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों का हल निकालने के लिए अब तक किसान संगठनों या दूसरे राजनीतिक संगठनों के साथ मिलकर कोई तरीका नहीं निकाला। पीएम मोदी से अपील है कि वो किसान संगठनों की मीटिंग बुलाकर उनकी शंकाओं को सुनें और उसे दूर करें।
मोदी कैबिनेट से हरसिमरत कौर ने दिया था इस्तीफा
बता दें मॉनसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार द्वारा पास कराए गए कृषि कानूनों का पूरे देश में कड़ा विरोध हुआ था। विरोध करने वालों का कहना है कि नए कानूनों से पहले से जारी न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था कमजोर होगी। इनके जरिए छोटे किसानों के हितों की कीमत पर व्यापारियों को फायदा दिया जा रहा है।
इस मुद्दे पर NDA सरकार में शामिल अकाली सांसद हरसिमरत कौर बादल मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। बाद में शिरोमणि अकाली दल ने NDA छोड़ने का भी फैसला ले लिया।
किसान आंदोलन को हाईजैक करना चाहते हैं सुखबीर
दूसरी तरफ पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने सुखबीर सिंह बादल को नए कृषि कानूनों पर टिप्पणी करने का तब तक हक नहीं है, जब तक वो यह जवाब नहीं देते कि हरसिमरत कौर बादल ने अध्यादेश का उस समय विरोध क्यों नहीं किया जब उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंजूरी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल पार्टी के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किसानों के आंदोलन को 'हाइजैक करने' करना चाहते हैं।
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