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पहली बार नहीं उतर रहा देश में सी-प्लेन, 2010 में हुई थी इसकी शुरुआत

यह पहला मौका नहीं है जब देश में सी प्लेन का इस्तेमाल हो रहा है।

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अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह 9.30 बजे अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर सरदारब्रिज के निकट पानी में सी-प्लेन के जरिए उतरेंगे। यह पहला मौका होगा जब प्रधानमंत्री पानी में उतरने में सक्षम हवाई जहाज से सफर करेंगे। हालांकि इसके बारे में कहा जा रहा है कि यह पहली बार होगा जब देश में सी प्लेन का इस्तेमाल हो रहा है। यह बात सच नहीं है।

2010 में हुई देश में सी प्लेन की शुरुआत
असल में देश में पहली बार जल हंस ने सी प्लेन सर्विस की शुरुआत की। तब 30 दिसंबर 2010 को अंडमान निकोबार द्वीप पर इसकी शुरुआत हुई। यहां पर्यटन में इसका व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाता है। बाद में 2013 में केरल ने भी इसे अपनाया। जून 2013 में केरल में पहली बार सी प्लेन उतरा और अगस्त 2013 से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसकी व्यावसायिक उड़ानें शुरू हुईं।

अब तक अम्बाजी नहीं गए प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने अभी तक मां अम्बाजी के दर्शन नहीं किए हैं। वे अब सी-प्लेन से ही मां अम्बाजी के मंदिर में दर्शन करेंगे। यहां से 10.30 बजे धरोई डेम जाएंगे और जायजा लेंगे। 11.30 बजे अम्बाजी जाएंगे फिर 1.30 बजे फिर धरोई डेम पहुंचेंगे और 2.30 बजे साबरमती रिवरफ्रंट आएंगे।

क्या है सीप्लेन
पानी में उतरने में सक्षम हवाई जहाज को सी प्लेन कहा जाता है। यह पानी से उड़ान भरने और पानी में उतरने में सक्षम होता है। इसी का नया वर्जन एम्फीबियोस एयरक्राफ्ट है, जो पानी और जमीन दोनों से उड़ान भरने और उतरने में सक्षम होता है। 1913 में दुनिया में सी प्लेन का इस्तेमाल शुरू हुआ, हालांकि इसके पहले कुछ शुरुआती नमूने 1898 में सामने आए थे। हालांकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इनके उपयोग में काफी कमी आई। इसकी कई वजहें रहीं। द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी ने सी प्लेन का खूब इस्तेमाल किया, लेकिन बाद के सालों में यह कम होता चला गया।

Published on:
11 Dec 2017 11:26 pm