मतदान के रुझानों से शिवसेना को लगा झटका महाराष्‍ट्र में इस बार भी बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी बीजेपी 5 हजार किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर लोगों से साधा था संपर्क
नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की शुरुआत के साथ ही शिवसेना ने युवा नेता आदित्य ठाकरे को बतौर मुख्यमंत्री पेश करती नजर आई थी। लेकिन सोमवार को मतदान संपन्न होने के बाद स्थितियां पूरी तरह से बदल गई हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि शिवसेना उतनी सीटें नहीं जीत पाएंगी जितने का लक्ष्य पार्टी ने तय किया था। ऐसा होने पर पार्टी नेताओं ने आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में पेश करने का दावा किया था।
सीएम पद का दावा करने की स्थिति में नहीं है शिवसेना
सोमवार को विधानसभा की सभी सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद पार्टी की उम्मीदों का झटका लगा है। मतदान के बाद जारी India Today-Axis My India के एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक इस बार शिवसेना को 50-70 सीट मिलने की संभावना है। जबकि 109-124 सीटों के साथ बीजेपी महाराष्ट्र में बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। बीजेपी के बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बाद शिवसेना इस स्थिति में नहीं रहेगी कि वह मुख्यमंत्री पद को लेकर दावा कर सके।
आदित्यक की सक्रियता नहीं आई काम
इसके पीछे बड़ी वजह पार्टी में अंदर आदित्य ठाकरे की सक्रियता रही है। वह शिवसेना की युवा इकाई के प्रमुख हैं। हाल ही में उन्होंने महाराष्ट्र में पांच हजार किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर लोगों से सीधे संपर्क साधा। इससे न सिर्फ आदित्य ठाकरे की सियासी समझ बढ़ी बल्कि विभिन्न वजहों से चर्चा में भी रहे।
इस मुद्दे पर शिवसेना की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी गोल-मोल जवाब देती हुई नजर आईं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जैसे दुष्प्रचार किया उसके बावजूद हम फिर से सरकार बना रहे हैं। जनता ने हमारे गठबंधन को स्वीकार किया है। 2014 में भले ही अलग चुनाव लड़े हों, लेकिन जनता चाहती थी कि बीजेपी-शिवसेना साथ आए।