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PMC घोटाले में शरद पवार से पंगा लेकर फडणवीस ने गंवा दिया पश्चिम महाराष्‍ट्र में सियासी लाभ का मौका!

बीजेपी का पवार के नेताओं से हाथ मिलाना लोगों को नहीं आया पसंद एक बार फिर महाराष्‍ट्र के सीएम बन सकते हैं फडणवीस ईडी की कार्रवाई से एनसीपी नेता शरद पवार को मिला लाभ

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नई दिल्‍ली। सोमवार को मतदान के बाद जारी एग्जिट पोल के मुताबिक महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर देवेंद्र फडणवीस की सरकार बनना लगभग तय है। लेकिन PMC घोटाले में मराठा क्षत्रप शरद पवार के खिलाफ कार्रवाई कर देवे्रदं फडणवीस ने पश्चिम महाराष्‍ट्र का भी एकछत्र नेता बनने को सुनहरा सियासी अवसर गंवा दिया है।

इस बार के महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस और एनसीपी से आए मराठा नेताओं को मैदान में उतारकर पश्चिम महाराष्ट्र में बड़ी जीत की उम्मीद लगा रखी थी। लेकिन एग्जिट पोल के मुताबिक फडणवीस की इन उम्‍मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है ।

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पवार ने ईडी के कार्रवाई को बना दिया था सियासी मुद्दा
ऐसा इसलिए कि महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव के सियासी माहौल में पीएमसी बैंक घोटाला मामले में बीजेपी सरकार ने शरद पवार के खिलाफ कार्रवाई का कदम भी उठाया था, जिसे लेकर पवार ने राजनीतिक मुद्दा बना दिया था। पवार को इसका सियासी फायदा भी मिलता नजर आ रहा है। दूसरी तरफ बीजेपी के पश्चिम महाराष्ट्र में सियासी फायदे की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

पश्चिम महाराष्‍ट्र में एनसीपी को बढ़त

इंडिया अुडे एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी-शिवसेना को 288 में से 166-194 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि कांग्रेस-एनसीपी को 72 से 90 सीटें मिल सकती हैं। शरद पवार भले ही महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर मात खाते नजर आ रहे हों लेकिन अपने गढ़ पश्चिम महाराष्ट्र को बचाने में सफल होते दिख रहे हैं। इसके पीछे माना जा रहा है कि चुनाव के बीच पवार पर ईडी की कार्रवाई बीजेपी के लिए महंगी पड़ी है।

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मराठा क्षत्रप बचा लेंगे अपना किला
पश्चिम महाराष्ट्र को चीनी बेल्ट के तौर पर पहचाना जाता है। यह इलाका एनसीपी का मजबूत गढ़ माना जाता है और शरद पवार अपने इस किले को बचाने में काफी हद तक सफल नजर आ रहे हैं। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, पश्चिम महाराष्ट्र की कुल 58 विधानसभा सीटों में से बीजेपी-शिवसेना को 22 सीटें मिल रही हैं तो कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को 29 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। जबकि अन्य के खाते में महज सात सीटें मिलने की संभावना है।

बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में एनसीपी ने जो चार संसदीय सीटें जीती हैं, वे इसी इलाके की हैं। 2014 के चुनाव में पश्चिम महाराष्ट्र की 58 विधानसभा सीटों में से बीजेपी 20, शिवसेना 10, कांग्रेस 8, एनसीपी 17 और अन्य 4 सीटें जीतने में सफल रही थीं।

इस लिहाज से बीजेपी और शिवसेना को इस बार झटका लगने जा रहा है। जबकि कांग्रेस और एनसीपी अपने पिछले रिकॉर्ड ही दोहराती नजर आ रही हैं। जबकि चीनी बेल्‍ट के कई सियासी दिग्‍गज एनसीपी-कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी-शिवसेना के साथ आ खड़े हुए हैं।

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