
नई दिल्ली। त्रिपुरा में आज बिप्लब देब ने राज्य के नए मुख्यमंत्री रूप में शपथ ली। उनके साथ ही जिष्णु देव वर्मा को भी राज्य के उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण समारोह के लिए अगरतला स्थित असम राइफल्स ग्राउंड में भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी , बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत कई राज्यों के सीएम मौजूद रहे। इससे पहले राज्य में वाम मोर्चा की सरकार थी। 25 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब राज्य में वाम मोर्चा को हार का मुंह देखना पड़ा। इसके साथ ही त्रिपुरा में बीजेपी की पहली बार सरकार बनने जा रही है।
59 में से 43 सीटें जीती
बता दें कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को घोषणा यह घोषणा की थी कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष बिपल्ब कुमार देब राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। साथ ही पार्टी के जनजातीय नेता जिष्णु देबबर्मा उप मुख्यमंत्री होंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायक यहां मंगलवार को केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में मिले और देब को भाजपा विधायक दल का नेता चुना।घोषणा के तुरंत बाद देब, गडकरी के साथ राजभवन पहुंचे और राज्यपाल तथागत रॉय से मिलकर भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश किया था। बीजेपी और उसकी सहयोगी इंडिजनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने 18 फरवरी को हुए चुनाव में 59 में से 43 सीटें जीती हैं। बीजेपी ने 60 सदस्यीय विधानसभा में 35 सीटें हासिल कीं वहीं जनजातीय पार्टी आईपीएफटी ने आठ सीटों पर कब्जा जमाया है। माकपा ने 16 सीटें जीती हैं जबकि कांग्रेस अपना खाता खोलने में नाकाम रही।
नामित सीएम ने दिया मदद का भरोसा
वहीं, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने वादा किया कि वह राज्य में रह रहे मणिपुरी लोगों की सभी समस्याओं के समाधान पर पूरा ध्यान देंगे। मणिपुर के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मणिपुर के साथ त्रिपुरा के विशेष सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर की तीन रानियों ने त्रिपुरा के राजकुमारों के साथ विवाह किया था। सरकार को राज्य में रह रहे मणिपुरी लोगों की जरूरत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उस वक्त ऐसा रिवाज था कि जब किसी मणिपुरी राजकुमारी का विवाह त्रिपुरा के राजकुमार से होता था तो सैकड़ों ग्रामीणों को त्रिपुरा में रहने के लिए जबरदस्ती भेजा जाता था ताकि मणिपुरी राजकुमारी को वहां अकेला महसूस न हो। वर्तमान में बड़ी संख्या में मणिपुरी लोग त्रिपुरा में रह रहे हैं। वहीं, त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत का चेहरा बने संघ में नॉर्थ ईस्ट के प्रचारक रहे सुनील देवधर ने माणिक सरकार पर निशाना साधा है। सुनील ने ट्वीट कर त्रिपुरा के नवनियुक्त सीएम विप्लव कुमार देव से कहा माणिक सरकार के सेप्टिक टैंक से नरकंकाल निकला था, इस लिए सबसे पहले सभी मंत्रियों के क्वार्टर के सेप्टिक टैंक उनके आने से पहले साफ करवाए जाएं।