
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के नियुक्त किए नए प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम ने बराबर संख्या की सीटों पर चुनाव लडऩे का बयान देकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर दबाव बढ़ा दिया है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा अपने सहयोगी दलों से सीट बंटवारे की मशक्कत कर रही है। वहीं विपक्षी इंडिया ब्लॉक में शामिल सपा और कांग्रेस में सीट बंटवारे को लेकर औपचारिक बातचीत भी नहीं हुई है। साथ ही नेताओं के बयानों से सियासी दूरियां तक बढऩे की आशंका दिख रही है। कांग्रेस ने दलित नेता राजेन्द्र पाल गौतम को प्रभारी नियुक्त कर बड़ा दाव खेला है। अब गौतम ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से वे चाहेंगे कि गठबंधन में दोनों पार्टियों की बराबर-बराबर हिस्सेदारी हो। जब बातचीत होगी, तब यह शीर्ष नेतृत्व तय करेगा। वे अधिकृत नहीं है कि पहले ही घोषणा कर दें, लेकिन हमारी बराबर की हिस्सेदारी की बात रहेगी।
वहीं बसपा प्रमुख मायावती को लेकर गौतम ने कहा कि जो लोग बहुजन समाज के मुद्दों पर काम करना चाहते हैं। संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले इस दमनकारी, मनुवादी सरकार के खिलाफ एकजुट होने के लिए सबका स्वागत है। मायावती हमारे समाज की बड़ी नेता हैं, हम उनका सम्मान करते हैं। वो मजबूत नेता रही हैं, पता नहीं उनकी क्या मजबूरी है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि 403 वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस करीब 150 सीटों पर चुनाव लडऩे का दावा पेश कर सकती है। जबकि समाजवादी पार्टी कांग्रेस को 70-80 से ज्यादा सीट नहीं देना चाहेगी। कांग्रेस का मानना है कि 2017 में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब भी गठबंधन में कांग्रेस को 105 सीटें मिली थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन देखते हुए इस बार सीटों की संख्या बढऩा चाहिए।
Updated on:
30 Jun 2026 01:04 pm
Published on:
30 Jun 2026 01:04 pm
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